अलवर शहर में ईद का त्योहार बड़े हर्षोल्लास और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाया गया। सुबह से ही ईदगाह और मस्जिदों में नमाज अदा करने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। ईद की नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई दी और देश में अमन-चैन की दुआ मांगी। इस खास मौके पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी जामा मस्जिद पहुंचे और मुस्लिम समाज को ईद की शुभकामनाएंदीं।
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नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा- पूरा देश एक है और सभी धर्मों के लोग एक-दूसरे के त्योहारों पर खुशी मनाते हैं। जैसे हिंदू समाज ईद पर मुस्लिम भाइयों को बधाई देता है, वैसे ही मुस्लिम समाज भी अन्य धार्मिक त्योहारों में शामिल होता है। आज मैं भी इस पावन मौके पर यहां उपस्थित होकर भाईचारे और प्रेम का संदेश देने आया हूं।
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उन्होंने आगे कहा कि अलवर में हिंदू और मुस्लिम समुदाय आपस में भाईचारे के साथ रहते हैं और एक-दूसरे के त्योहारों में सहयोग करते हैं। उन्होंने इस सौहार्दपूर्ण परंपरा को और मजबूत करने की अपील की। इस मौके पर मुस्लिम समाज के प्रमुख प्रतिनिधि शेर मोहम्मद ने कहा, हमारे देश में अमन-चैन और भाईचारे का संदेश हमेशा से दिया जाता रहा है। ईद भी इसी एकता का प्रतीक है। आज के दिन सभी लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई दी और देश की खुशहाली के लिए दुआ मांगी है।
ईद के मौके पर मौलाना ने कहा, आज खुशियों का त्योहार है। एक महीने तक रोजे रखने के बाद यह दिन आता है, जो सब्र और इबादत का इनाम होता है। रोजे का मकसद सिर्फ भूखा रहना नहीं, बल्कि खुदा की राह पर चलने और इंसानियत की सेवा करने का संदेश देना है।