अलवर के कंपनी बाग में मधुमक्खियों के हमले से मोर की मौत हो गई। मृत मोर को तिरंगे में लपेटकर राष्ट्रीय श्रद्धांजलि दी गई। बताया जा रहा है कि इस घटना में और भी मोर शिकार हो जाते, लेकिन मधुमक्खियों से वे बच गए। कुल मिलाकर मधुमक्खियों ने दो मोरों को अपना शिकार बनाया, जिनमें से एक तो बचने में कामयाब रहा, जबकि दूसरे की असमय मौत हो गई।
यह भी पढ़ें- Rajsthan: अलवर में सात बिस्वा जमीन के विवाद में भतीजों ने चाचा की बेरहमी से हत्या की, बहू को भी किया लहूलुहान
जानकारी के मुताबिक, अलवर शहर के प्रसिद्ध कंपनी बाग में मधुमक्खियों के हमले में एक राष्ट्रीय पक्षी मोर की मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद स्थानीय लोगों और पक्षी प्रेमियों ने मिलकर मोर को राष्ट्रीय सम्मान के साथ तिरंगे में लपेटकर कंपनी बाग परिसर में दफनाया।
जानकारी के अनुसार, करणी सेना के सदस्य और समाजसेवी ठाकुर प्रदीप सिंह ने बताया कि सुबह उन्हें सूचना मिली कि कंपनी बाग में दो मोरों पर मधुमक्खियों ने हमला कर दिया है। इनमें से एक मोर किसी तरह बच निकलने में सफल रहा, लेकिन दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों ने तुरंत उसे बचाने का भरसक प्रयास भी किया, लेकिन अधिक चोट लगने के कारण कुछ ही देर में उस मोर की मौत हो गई।
यह भी पढ़ें- National Herald: जोगाराम पटेल बोले- कांग्रेस करती है सिर्फ एक परिवार की पूजा, 80-90% घोटालों में पार्टी का नाम
स्थानीय धर्मचंद सैनी ने बताया कि घायल मोर पर भारी संख्या में मधुमक्खियां लगी हुई थीं। उन्होंने और उनके कुछ साथियों ने मिलकर मोर को बचाया और कंपनी बाग के अंदर एक सुरक्षित स्थान पर छोड़ा। मगर करीब दस मिनट बाद जब दोबारा देखा गया, तो मोर मृत पाया गया। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से स्थानीय लोग भावुक हो उठे। सभी ने मिलकर मोर के पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटा और पूरे सम्मान के साथ उसे बाग परिसर में दफनाया।