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Alwar News: Forest department is unable to catch the panther which has been absconding for ten days
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Alwar News: क्या लेपर्ड समझ गया वन विभाग की चाल? आधे पिंजरे तक जाकर भी नहीं लपका शिकार, दस दिन से फैली दहशत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर Published by: अलवर ब्यूरो Updated Tue, 10 Dec 2024 05:31 PM IST
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अलवर शहर के राज ऋषि (RR) कॉलेज के जंगल में 10वें दिन भी लेपर्ड पिंजरे में नहीं फंसा। कुल मिलाकर लेपर्ड वन कर्मियों के साथ आंख मिचौली कर रहा है। अचंभित करने वाली बात यह रही कि लेपर्ड के पिंजरे में 2 पगमार्क मिले हैं। मतलब लेपर्ड पिंजरे के आधे हिस्से तक पहुंचा। उसके बाद वापस हो गया। ऐसा ही पहले भी हो चुका है। अब वनकर्मियों की टीम के अनुसार लेपर्ड को जंगल में ढूंढ़ने के लिए डॉग स्क्वायड का सहारा भी लिया जा सकता है। आरआर कॉलेज में दो पिंजरे लगाए हुए हैं। हनुमानजी मंदिर के पास से एक पिंजरे को हटा दूर लगाया गया। सोमवार रात को दोनों जगहों पर लेपर्ड आया था। एक पिंजरे में लेपर्ड ने अंदर तक पैर रखे क्योंकि दो पगमार्क पिंजरे के अंदर मिले हैं, लेकिन पिंजरे का बाहरी हिस्सा नीचे आता उससे पहले ही लेपर्ड बाहर हो गया और पिंजरे में नहीं फंसा। इस तरह वन विभाग के 10 दिन के प्रयास फेल हो गए।
अब वनकर्मी जंगल में लेपर्ड को तलाशने का अभियान तेज कर सकते हैं। असल में अभी केवल चार कर्मचारी लगा रखे हैं। जो काफी कम हैं। वनकर्मियों की संख्या बढ़ाने के बाद लेपर्ड को तलाश कर जल्दी पकड़ा जा सकता है। पिंजरे में शिकार करने नहीं घुसा। लेपर्ड पहले पांच दिन तक पिंजरे के आसपास आता जाता रहा है। अंदर नहीं घुसा। एक दिन पिंजरे में घुसने का प्रयास किया। पिंजरा बंद हो गया। अब दूसरी बार दो आगे वाले पंजे पिंजरे में अंदर तक ले गया, लेकिन उस प्लेट पर पंजा नहीं पड़ा जिससे पिंजरा बन्द हो जाता। पैंथर पिंजरे में आधा ही अंदर घुसा ओर वापस निकल गया। पिंजरे के आसपास पहले यह पैंथर कई बार आ चुका है।
सहायक वन पाल भीम सिंह ने बताया कि रोजाना की तरह दो पिंजरे लगाए हैं। लेपर्ड पिंजरे के आसपास आया है। लेपर्ड के पकड़ में नहीं ओने के कारण आरआर कॉलेज से लगती कॉलोनी अलकापुरी, फ्रेंडस कॉलोनी, मोतीडूंगरी सहित आसपास के क्षेत्र में लोगों में दहशत बनी हुई है। दो-तीन परिवार तो जंगल के अंदर की तरफ ही बसे हुए हैं ओर वे परिवार बेहद सहमे ओर डरे हुए हैं।
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