बांसवाड़ा जिले में उपनिरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा का रविवार को आगाज हुआ। जिले में बनाए 21 परीक्षा केंद्रों पर पहली पारी की परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुई, जिसमें 7105 अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई। परीक्षा को लेकर केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
परीक्षा की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने सुबह विभिन्न केंद्रों का औचक निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को गहन जांच के निर्देश दिए। जिले के सभी 21 केंद्रों पर दो पारियों में परीक्षा आयोजित की जा रही है। हर केंद्र पर वीडियोग्राफी और सीसीटीवी से निगरानी रखी जा रही है।
चाक चौबंद व्यवस्था
एसपी जोशी ने बताया कि एसआई भर्ती परीक्षा के लिए जिले में चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है। 7 हजार से अधिक अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। सभी केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात है। जांच की प्रक्रिया बेहद सख्त रखी गई है। प्रवेश पत्र के साथ फोटो का मिलान किया जा रहा है, ताकि किसी भी तरह के 'अनफेयर मीन्स' या डमी कैंडिडेट की संभावना को खत्म किया जा सके। आरपीएससी के निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
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शर्ट की आस्तीन काटी, धागे तक उतरवाए
नकल रोकने के लिए प्रशासन ने बेहद कड़े नियम लागू किए हैं। डायलाब रोड स्थित डॉ. नागेंद्र सिंह विधि महाविद्यालय केंद्र पर एक अभ्यर्थी पूरी बांह की शर्ट पहनकर पहुंचा, तो पुलिसकर्मियों ने कैंची से उसकी शर्ट की आस्तीन काटने के बाद प्रवेश दिया। केंद्रों पर अभ्यर्थियों के जूते बाहर ही उतरवा लिए गए। कानों की बालियां, गले की चेन और हाथों में बंधे कलावा (धागे) तक काट दिए। अभ्यर्थियों को हाफ शर्ट या टी-शर्ट में ही प्रवेश की अनुमति दी गई।
1 मिनट की देरी पड़ी भारी
परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश का समय निर्धारित था। सुबह 10 बजे के बाद कई केंद्रों पर परीक्षार्थी पहुंचे, लेकिन नियम का हवाला देते हुए उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। 1-1 मिनट की देरी से पहुंचे कई अभ्यर्थियों ने मिन्नतें कीं, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने गेट नहीं खोले, जिससे उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा।