शिक्षा के क्षेत्र में कभी पिछड़ा माने जाने वाला भील समाज अब अपनी मेहनत और लगन से नए आयाम गढ़ रहा है। इसी कड़ी में बाड़मेर जिले की बेटी भावना ने एमबीबीएस में चयन पाकर परिवार और समाज का मान बढ़ाया है। भावना की इस उपलब्धि से पूरे परिवार के साथ-साथ समाज में भी खुशी की लहर दौड़ गई है।
चोचरा गांव से निकलकर लिखी नई कहानी
भावना मूल रूप से बाड़मेर जिले की शिव तहसील के चोचरा गांव की रहने वाली हैं, हालांकि पिछले कई वर्षों से उनका परिवार बाड़मेर शहर की इंदिरा कॉलोनी में निवास कर रहा है। भावना ने पांचवीं तक निजी विद्यालय से पढ़ाई की और इसके बाद नवोदय विद्यालय के हॉस्टल में रहकर 12वीं तक की शिक्षा पूरी की।
किरण से मिली प्रेरणा, NEET में पाई सफलता
भावना बताती हैं कि जब उन्होंने जिले की ही किरण को 2022 में एमबीबीएस में चयनित होते देखा, तो उनके भीतर भी डॉक्टर बनने का सपना और मजबूत हो गया। दो साल तक कड़ी मेहनत और आत्म-अध्ययन करने के बाद उन्होंने 2025 की NEET परीक्षा पास की और अब भरतपुर के मेडिकल कॉलेज में उनका चयन हुआ है।
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सोशल मीडिया से दूरी और आत्मविश्वास ने दिलाई सफलता
भावना का कहना है कि उन्होंने पढ़ाई के दौरान सोशल मीडिया से दूरी बनाई और पूरी लगन से लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित किया। उनका मानना है कि बेटियों को माता-पिता के सपनों को पूरा करने की जिम्मेदारी उठानी चाहिए और उनके विश्वास पर खरा उतरना चाहिए।
परिवार का गर्व और समाज के लिए प्रेरणा
भावना के माता-पिता का कहना है कि उनकी बेटी शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रही है। वे मानते हैं कि बेटियों को भी अपने सपनों को पूरा करने का पूरा अवसर मिलना चाहिए ताकि वे आगे बढ़कर समाज का नाम रोशन कर सकें।
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