स्वतंत्रता दिवस के जिला स्तरीय समारोह में शहीद की वीरांगना और पूर्व सैनिक परिवार के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर रविवार को बाड़मेर जिला मुख्यालय पर अखिल भारतीय भूतपूर्व सैनिक परिषद के बैनर तले पूर्व सैनिकों के साथ बड़ी संख्या में लोग धरने पर बैठ गए। इस दौरान शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन किया गया। शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी, बाड़मेर विधायक डॉ. प्रियंका चौधरी, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष स्वरूप सिंह खारा, पीसीसी सचिव आजाद सिंह राठौड़ समेत कई नेता धरना स्थल पर पहुंचे।
‘शहीद परिवार के साथ दुर्व्यवहार अपराध’
धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने 15 अगस्त को बाड़मेर के आदर्श स्टेडियम में शहीद की वीरांगना और पूर्व सैनिक परिवार के साथ पुलिस अधिकारी द्वारा किए गए कथित दुर्व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए दोषी पुलिस अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। इसके बाद पूर्व सैनिकों के प्रतिनिधिमंडल के साथ स्थानीय नेता पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों के साथ वार्ता की।
'स्वतंत्रता दिवस नेताओं-अधिकारियों के मनोरंजन के लिए नहीं'
धरना स्थल पर विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस देश के वीर सपूतों को याद करने और आने वाली पीढ़ी को उनके शौर्य व वीरता से परिचित कराने के लिए मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस नेताओं और अधिकारियों के मनोरंजन के लिए नहीं है।
भाटी ने कहा कि शहीद के परिवार के साथ इस तरह का दुर्व्यवहार कोई गलती नहीं, बल्कि अपराध है। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिक परिषद के साथ मिलकर वे हर स्तर पर इस लड़ाई को लड़ने के लिए तैयार हैं। पीसीसी सचिव आजाद सिंह राठौड़ ने भी घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए दोषी पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
'समय पर वार्ता होती तो मामला शांत हो जाता'
पूर्व कप्तान हीरसिंह भाटी ने पूरी घटना की जानकारी देते हुए बताया कि 15 अगस्त के जिला स्तरीय समारोह के लिए प्रशासन ने उन्हें आमंत्रित किया था। समारोह में शामिल होने के लिए शनिवार को वे आदर्श स्टेडियम पहुंचे थे। यहां एक पुलिस अधिकारी ने उनके, शहीद की वीरांगना और उनकी बेटी के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया।
उन्होंने कहा कि घटना के बाद यदि प्रशासनिक अधिकारी ने शाम तक वार्ता कर ली होती तो मामला उसी दिन शांत हो जाता। उन्होंने बताया कि धरने के लिए उन्होंने किसी को नहीं बुलाया था, इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग पूर्व सैनिकों के साथ धरने में शामिल हुए।
उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के साथ वार्ता की है। अधिकारियों ने कमेटी गठित कर पांच दिन में जांच पूरी करने और रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि धरना देना सैनिकों का काम नहीं है, इसलिए वे अधिकारियों के आश्वासन पर भरोसा कर रहे हैं।
5 दिन में जांच रिपोर्ट, कमेटी के आधार पर होगी कार्रवाई
पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष स्वरूप सिंह खारा ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और अतिरिक्त जिला कलेक्टर के नेतृत्व में जांच कमेटी का गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पांच दिन में कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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सैनिक देश की मान और सम्मान
बाड़मेर विधायक डॉ. प्रियंका चौधरी ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे बेहद अफसोसजनक बताया। उन्होंने कहा कि सैनिक देश की मान और सम्मान हैं। इन्हीं वीर जवानों की वजह से हम अपने घरों में सुरक्षित बैठे हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह की घटना बताई जा रही है, यदि ऐसा हुआ है तो निश्चित रूप से दोषी पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।