दौसा के वार्ड 17 के उपचुनाव के स्थगित होने पर सांसद मुरारीलाल मीणा और जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रामजीलाल ओढ़ के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया। भाजपा पर लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा ने हार के डर से चुनाव रद्द कराया है। उन्होंने न्यायिक और राजनीतिक लड़ाई लड़ने का ऐलान किया। जीआर खटाना और अन्य कांग्रेस नेताओं ने भी भाजपा की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की और इसे तानाशाही का प्रतीक बताया।
दौसा सांसद मुरारीलाल मीणा ने कहा मानवता और प्रजातंत्र की हत्या करने वाली भाजपा पार्टी ने नगर परिषद दौसा के पार्षद के उपचुनाव को निरस्त तब किया जब पोलिंग पार्टी वोट डलवाने के लिए बूथ पर पहुंच चुकी थी l सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार चुनाव प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात किसी भी हालत में चुनाव निरस्त नहीं किए जा सकते, जबकि भाजपा ने अपनी हठधर्मिता दिखाई। हम राजनीतिक और न्यायिक दोनों लड़ाई लड़ेंगे। भाजपा को अपना काल नजर आ रहा है। इससे बौखलाकर ये इस तरह की हरकत कर रही है। इनकी पार्षद उप चुनाव और विधानसभा के उपचुनाव में भी निश्चित जमानत जब्त होगी। भाजपा के तानाशाही से आम जनता त्रस्त है, अबकी बार इनको जनता केंद्र से भी बाहर का रास्ता दिखाएंगे।
वहीं, जिलाध्यक्ष रामजीलाल ओढ़ ने कहा कि दौसा में पार्षद के उपचुनाव में जमानत जब्त का अंदेशे से डरकर उपचुनाव को कैंसिल करवाया गया है। हम सभी कानूनी और राजनीतिक लड़ाई दोनों लड़ेंगे। साथ ही भाजपा को सद्बुद्धि यज्ञ करके सोई हुई सरकार को जगाने का प्रयास करेंगे। कार्यकर्ता मजबूती से तानाशाही के खिलाफ खड़े रहेंगे। लोकतंत्र के साथ कुठाराघात किसी हालत में नहीं होने देंगे।
वहीं बांदीकुई पूर्व विधायक जीआर खटाना ने कहा कि जब से भाजपा सत्ता में आई तब से इनका अहंकार सर चढ़ कर बोल रहा है। देश की आम जनता हर तरह से त्रस्त हैl वर्तमान में वार्ड पार्षद के उप चुनाव में बुरी तरह हार के डर से चुनाव निरस्त करवाया गया है। हम इसका विरोध करते हैं और कड़े शब्दों में निंदा करते हैंl
जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मुकेश राणा ने बताया कि इस मौके पर जिला प्रमुख हीरालाल सैनी पीसीसी सदस्य कमल मीणा नगर अध्यक्ष घनश्याम शर्मा दौसा प्रधान प्रहलाद रोहड़ा, मोहनलाल मीणा, दिनेश मीणा, शिवराम मीणा, डीसी बैरवा, महादेव खुटला, खेमराज मीणा, बांदीकुई चेयरमैन इंदिरा बैरवा, राकेश चौधरी, रहीस भाई, लट्टूरमल सैनी, अमर सिंह प्रजापत सहित कार्यकर्ताओं ने भी अपने वक्तव्य में उपचुनाव निरस्त करने की कड़ी निंदा कीl