जालौर जिले के भीनमाल क्षेत्र में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब जोधपुर–साबरमती एक्सप्रेस की छत पर एक युवक चढ़ गया। इससे न केवल उसकी जान को खतरा उत्पन्न हो गया, बल्कि एक बड़े रेल हादसे की आशंका भी बन गई। हालांकि रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवान की सूझबूझ और बहादुरी से समय रहते स्थिति पर काबू पा लिया गया और युवक की जान बच गई।
जसवंतपुरा फाटक के पास की है घटना
प्राप्त जानकारी के अनुसार जोधपुर से साबरमती की ओर जा रही एक्सप्रेस ट्रेन भीनमाल क्षेत्र में मारवाड़ भीनमाल स्टेशन के जसवंतपुरा फाटक के पास पहुंची थी। इसी दौरान सूचना मिली कि एक युवक ट्रेन की छत पर मौजूद है। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल ट्रेन को जसवंतपुरा फाटक के समीप रोका गया। मौके पर रेलवे अधिकारियों और RPF के जवानों ने स्थिति का जायजा लिया। ट्रेन की छत के ऊपर से हाई वोल्टेज विद्युत लाइन गुजर रही थी, जिससे युवक के करंट की चपेट में आने का खतरा लगातार बना हुआ था।
RPF कांस्टेबल की बहादुरी से बची युवक की जान
रेलवे कर्मियों और RPF द्वारा युवक को नीचे उतरने के लिए करीब 20 मिनट तक समझाइश की गई। लेकिन वह किसी की बात मानने को तैयार नहीं हुआ। इस दौरान यात्रियों में भी दहशत का माहौल बना रहा और लोग अनहोनी की आशंका से सहमे रहे। हालात बिगड़ते देख RPF कांस्टेबल योगेंद्र सिंह ने साहसिक निर्णय लेते हुए स्वयं ट्रेन की छत पर चढ़कर युवक के पास पहुंचने का फैसला किया। अत्यंत जोखिम भरी स्थिति में कांस्टेबल ने पूरी सावधानी बरतते हुए युवक को काबू में लिया और सुरक्षित तरीके से नीचे उतारा।
मानसिक रूप से अस्थिर था युवक
युवक को नीचे उतारने के बाद रेलवे अधिकारियों द्वारा उससे पूछताछ की गई, जिसमें प्रारंभिक तौर पर उसके मानसिक रूप से अस्थिर होने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद उसे आवश्यक सहायता और देखरेख के लिए संबंधित विभाग को सौंप दिया गया। समय पर की गई इस कार्रवाई से न केवल युवक की जान बची, बल्कि किसी बड़े रेल हादसे की संभावना भी टल गई।
ये भी पढ़ें: कड़ाके की सर्दी में 108 घड़ों के ठंडे पानी से शिव की आराधना, चर्चा में महिला साधु की जलधारा तपस्या
रेलवे ने लोगों से की खास अपील
घटना के बाद रेलवे प्रशासन और RPF की तत्परता की सराहना की जा रही है। विशेष रूप से कांस्टेबल योगेंद्र सिंह की बहादुरी और सूझबूझ की स्थानीय लोगों और यात्रियों ने प्रशंसा की। रेलवे अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि रेल परिसर और ट्रेनों में किसी भी प्रकार का जोखिम भरा कृत्य न करें, क्योंकि इससे स्वयं के साथ-साथ अन्य यात्रियों की जान भी खतरे में पड़ सकती है।