राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिला के भिवाड़ी स्थित चोपनकी इंडस्ट्रियल एरिया में बालकिशन इंडस्ट्री (BKT) में मजदूरों और प्रबंधन के बीच टकराव अब गंभीर रूप ले चुका है। करीब 802 एकड़ में फैले इस औद्योगिक क्षेत्र में बुधवार को लगातार दूसरे दिन भी श्रमिकों का धरना जारी रहा।
मजदूर वेतन वृद्धि, 8 घंटे कार्यदिवस और बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर कंपनी गेट के बाहर डटे हुए हैं। उनका कहना है कि लंबे समय से वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है, जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है। ऐसे में रोजमर्रा का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है।
गेट पर बैरिकेडिंग से बढ़ा तनाव
स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब कंपनी प्रबंधन ने धरने को रोकने के लिए गेट पर बैरिकेडिंग कर दी। मजदूरों का आरोप है कि प्रबंधन उनकी मांगों पर बातचीत करने के बजाय पुलिस के सहारे उन्हें दबाने की कोशिश कर रहा है।
12 घंटे काम का आरोप, 8 घंटे की मांग
प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों का कहना है कि उनसे 12-12 घंटे तक काम लिया जा रहा है, जिससे उनकी सेहत पर असर पड़ रहा है। वे 8 घंटे का कार्यदिवस लागू करने की मांग कर रहे हैं ताकि परिवार को भी समय दे सकें।
महिला श्रमिकों ने उठाए सुविधाओं के मुद्दे
धरने में शामिल महिला कर्मचारियों ने भी फैक्टरी में शौचालय, खान-पान और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि रोजाना काम के दौरान उन्हें कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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मजदूरों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे पीछे नहीं हटेंगे। गेट के बाहर लगातार नारेबाजी जारी है और सैकड़ों श्रमिक धरने पर बैठे हैं।
प्रशासन अलर्ट, भारी पुलिस बल तैनात
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराने की कोशिश की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की हिंसा या तोड़फोड़ को रोका जा सके। फिलहाल प्रबंधन और मजदूर यूनियन के बीच कोई सहमति नहीं बन पाई है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो यह आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है, जिसका असर पूरे भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र पर पड़ सकता है।