जिले के अजीतगढ़ पंचायत समिति क्षेत्र के ढाणी लोहिया गांव का वीर सपूत, आईटीबीपी जवान रतनलाल गुर्जर देश की सेवा करते हुए शहीद हो गया। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के जाजरदेवल क्षेत्र में पेट्रोलिंग के दौरान ऑक्सीजन स्तर कम होने से उन्होंने अंतिम सांस ली। वे 14वीं बटालियन भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) में तैनात थे।
शहीद की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों की आंखें नम हो उठीं और श्रद्धांजलि देने के लिए लोगों का तांता लग गया। शहीद रतनलाल का पार्थिव शरीर शुक्रवार सुबह अजीतगढ़ पुलिस थाना लाया गया, जहां से तिरंगा बाइक रैली के साथ अंतिम यात्रा निकाली गई। अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव ढाणी लोहिया में राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।
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गौरतलब है कि शहीद रतनलाल गुर्जर चार भाइयों में सबसे छोटे थे। उनका परिवार पहले भी देश के लिए बलिदान दे चुका है। बड़े भाई रामपाल गुर्जर भी भारतीय सेना में कार्यरत थे और लगभग चार साल पहले जम्मू-कश्मीर में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गए थे। अब एक बार फिर इस परिवार ने देश के लिए एक और लाल खो दिया।
शहीद के परिजनों को अब तक इस दर्दनाक खबर की जानकारी मिलने के बाद गम का माहौल है। गांव के लोगों ने अपने वीर सपूत की शहादत पर गर्व जताया लेकिन आंखें नम रहीं। अंतिम संस्कार के समय आईटीबीपी, सेना, पुलिस के जवानों सहित प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने भी शहीद रतनलाल की शहादत पर गहरा दुख जताते हुए परिजनों को सांत्वना दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को अपने इस सपूत पर गर्व है, जिसने देश की सेवा में प्राण न्योछावर कर दिए।
शहीद रतनलाल गुर्जर की यह शहादत केवल उनके परिवार के लिए नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र और प्रदेश के लिए गर्व और श्रद्धा का विषय है। देश हमेशा उनके बलिदान को याद रखेगा।