सिरोही जिले के रोहिड़ा गांव में शुक्रवार को विभिन्न समाजों के 64 लोगों ने एक साथ आचरण की शुद्धता, श्रेष्ठ व्यवहार और संस्कार के साथ जनेऊ धारण किया। दावा है कि राजस्थान में इस तरह का दूसरा उदाहरण है, जहां बिना किसी जाति एवं वर्ग के एक साथ यह धार्मिक कार्य किया गया है।
यह कार्यक्रम रोहिड़ा गांव के सोमनाथ मंदिर परिसर में हुआ। इसमें किसान घांची समाज व क्षत्रिय समाज के लोगों ने स्वेच्छा से जनेऊ संस्कार में भाग लेकर आचरण की शुद्धता, श्रेष्ठ व्यवहार, संस्कार की उच्चता आदि की शपथ लेते हुए जनेऊ धारण किए। गांव में ब्राह्मण समाज से इतर सर्व समाज जनेऊ संस्कार का यह दूसरा समारोह था। इससे पूर्व 19 अगस्त को आयोजित प्रथम समारोह में अधिकांश मेघवाल व स्वर्णकार समाजबंधुओं ने जनेऊ धारण किया था। आर्ष गुरुकुल महाविद्यालय आबू पर्वत के अधिष्ठाता स्वामी ओमानंद सरस्वती महाराज के सानिध्य में आयोजित द्वितीय यज्ञोपवीत संस्कार में पूर्व विधायक व विप्र फ़ाउंडेशन के राष्ट्रीय संरक्षक धर्मनारायण जोशी ने अपने संबोधन में कहा कि रोहिड़ा गांव की पुण्य भूमि से आरम्भ यह सर्वसमाज यज्ञोपवीत संस्कार का कार्यक्रम अब विप्र फ़ाउंडेशन के द्वारा पूरे देश में आन्दोलन के रूप में चलाया जाएगा।
संपूर्ण समाज के आबाल बुजुर्ग को श्रेष्ठ मनुष्य बनने की प्रेरणा देने वाला जनेऊ पहनाने का अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने इसका आरम्भ शीघ्र ही गोनेर, जयपुर से करने की घोषणा की, जिसमें गांववासी, जनेऊ के इस आन्दोलन की शुरुआत करने वालों को भी आमंत्रित किया गया। इस अवसर पर सभी जनेऊ धारण करने वाले व अन्य उपस्थित जनों को व्यवहार भानु पुस्तक भेंट की गई। इस दौरान पुष्प माला व उपरणे पहनाकर लोगों का अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में रमेश राठौर, प्रवीण पटेल, मोहन घांची, वीसाराम रोहिन, दलाराम, पंकज याज्ञिक, जयेश जानी, अजय त्रिवेदी, भरत दवे, राजेश दवे और अन्य अनेक उपस्थित रहे। जनेऊ संस्कार गिरीश जोशी के मार्गदर्शन में हुआ।