राजस्थान के टोंक जिले के देवली राजमहल गांव में बुधवार रात ट्रैक्टर से कुचलकर पप्पू लाल गुर्जर की हुई मौत के मामले में शुक्रवार दोपहर को पुलिस-प्रशासन और परिजनों के बीच हुई बैठक एक बार फिर बेनतीजा साबित रही। पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने ग्रामीणों और परिजनों को सरकार के नियमों का हवाला देते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया, लेकिन ग्रामीण आर्थिक पैकेज की मांग पर अड़े रहे। जिसका आश्वासन नहीं मिलने पर ग्रामीण व परिजन बैठक छोड़कर वापस धरना स्थल पर पहुंच गए।
दरअसल, उपखंड अधिकारी मनोज कुमार मीणा, देवली डीएसपी रामसिंह, तहसीलदार वीरेंद्र सिंह शक्तावत, थाना प्रभारी देवली दौलतराम गुर्जर की मौजूदगी में ग्रामीणों और परिजनों के बीच बातचीत शुरू हुई। इस दौरान नरेंद्र गुर्जर, हेमराज गुर्जर टोंक समेत परिजनों ने प्रशासन के सामने अपनी 6 मांगे रखी। इनमें मृतक परिवार को 50 लाख रुपए का आर्थिक पैकेज दिया जाए। हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। पीड़ित परिवार के किसी एक सदस्य को सरकारी या संविदा नौकरी दी जाए। थाना प्रभारी सहित दोषी पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया जाए। राजमहल क्षेत्र में बजरी के अवैध परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। 3 जुलाई को ग्रामीणों और महिलाओं द्वारा पुलिसकर्मियों से की गई धक्का-मुक्की के मामले में कोई मुकदमा दर्ज न किया जाए।
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दोषियों पर होगी कार्रवाई
मांगें सुनने के बाद देवली पुलिस उपाधीक्षक रामसिंह ने आश्वासन दिया कि बजरी को लेकर नई एनओसी जारी की जाएगी। लेकिन, इसके लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन और ग्रामीणों के सहयोग से यह सब कर पाएंगे। वहीं, 3 जुलाई को पुलिसकर्मियों के साथ की गई धक्का मुक्की को लेकर केस दर्ज नहीं करने की मांग को पुलिस अधिकारियों ने खारिज कर दिया। उन्होंने कहा पुलिस किसी भी व्यक्ति को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं करेंगी, लेकिन दोषियों के खिलाफ निश्चित तौर पर कार्रवाई होगी। वहीं, मृतक परिवार को 50 लाख रुपए का आर्थिक पैकेज दिए जाने की मांग को भी खारिज कर दिया गया। प्रशासन के अधिकारियों ने बैठक में कहा कि किसी भी नियम के तहत ऐसा संभव नहीं है।
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शव सड़क किनारे रखा
इधर, पिछले तीन दिनों से मृतक पप्पू गुर्जर का शव राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय राजमहल की दीवार के बाहर रखा हुआ है। लोग यहां धरना लगाकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। बता दें कि गत बुधवार को राजमहल निवासी पप्पू लाल गुर्जर की अवैध रेत से भरे ट्रैक्टर ट्राली से कुचलकर मौत हो गई थी। उसके बाद लोग मुआवजे सहित विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं प्रशासन लगातार ग्रामीण और परिजनों को समझाने में जुटा है। लेकिन, अब तक कोई समाधान नहीं निकल सका है।