केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत एक दिवसीय दौरे पर उदयपुर पहुंचे। जहां उन्होंने पंडित जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ (डिम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी) में आयोजित 20वें दीक्षांत समारोह में भाग लिया। इस भव्य समारोह में 90 विद्यार्थियों को पीएचडी की उपाधि और 90 को उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए गोल्ड मेडल प्रदान किए गए।
इस समारोह में तीन मुख्य आकर्षण रहे, जिसमें मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को भी विश्वविद्यालय द्वारा मानद ‘डॉक्टर ऑफ लिटरेचर’ (D.Litt) की उपाधि से सम्मानित किया गया। वहीं, लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ को एमबीए में श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए गोल्ड मेडल और एक कर्नल साहब को पीएचडी की उपाधि मिली है।
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समारोह के दौरान एक खास पल तब देखने को मिला, जब मीता जोशी को ‘विद्यावाचस्पति’ (डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी) की उपाधि से सम्मानित किया गया। डॉ. मीता जोशी ने यह उपाधि अपने दिवंगत ससुर जयंत कुमार जोशी के अधूरे सपने को पूरा करते हुए प्राप्त की है। कोरोना काल में उनका निधन हो गया था। ससुर ने मीता को बहू नहीं, बेटी समझकर शिक्षा के लिए प्रेरित किया था। उनके निधन के बाद मीता ने पीएचडी छोड़ने का निर्णय लिया था, लेकिन परिवार के सहयोग और प्रेरणा से उन्होंने अपने ससुर के सपने को साकार किया। आज मीता जोशी न केवल एक डॉक्टर बनी हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति में बहू को बेटी मानने की परंपरा की भी मिसाल बन गई हैं।
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कार्यक्रम में कुलपति प्रो. एसएस सारंगदेवोत, सांसद मन्नालाल रावत, रजिस्ट्रार डॉ. तरुण श्रीमाली, कुलाधिपति भंवरलाल गुर्जर और महारानी निवृती कुमारी मेवाड़ सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। मंत्री शेखावत ने अपने संबोधन में विद्यापीठ के शैक्षणिक योगदान की सराहना की और विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में भूमिका निभाने का संदेश दिया।
विद्यापीठ यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में पहुंचे मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत

विद्यापीठ यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह