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VIDEO : बलिया में ओवर ब्रिज के नीचे अतिक्रमण हुआ जमींदोज, जाम से मुक्ति के लिए बनेगा अंडरपास, रेलवे क्रासिंग होगी बंद
बलिया शहर में चित्तू पांडेय चौराहे के पास जाम की समस्या दूर होगी। क्रासिंग को बंद कर उसकी जगह पर अंडरपास के निर्माण होगा। इसकी प्रकिया जोर शोर से चल रही है। अगले कुछ दिनों में निर्माण शुरू होने का अनुमान है। ओवर ब्रिज के नीचे पुरब साइड की दुकानों को तोड़ने का काम मंगलवार से शुरू हो गया है। रेलवे बाउंड्री से सटी सभी दुकानों को जेसीबी से जमींदोज किया जा रहा है। कार्य बहुत तेजी से चल रहा है। अंडर पास बनने के बाद क्रासिंग बंद होने से रेलवे की हर माह गेटमैन व मेंटेनेंस पर होने वाले करीब एक लाख रुपया से ऊपर खर्च बचेगा। शहर का प्रवेश द्वार चित्तू पांडेय चौराहा से बाहर से आने वाले लगभग सभी वाहनों गुजरते हैं। छपरा-वाराणसी रूट का दोहरीकरण होने के बाद फेफना की तरफ से ट्रेन आने पर क्रासिंग 25 से 30 मिनट बंद रहता है, अगर दोनों तरफ से ट्रेनों का आवागमन हुआ तो घंटों जाम लग जाता है, प्रतिदिन क्रासिंग के दोनो तरफ लंबा जाम से लोगों को जूझना पड़ता है। अंडर पास निर्माण होने से रोड़वेज, न्यायालय व सरकारी कार्यालयों सहित अन्य लोगों को जाम की समस्या से निजात मिलेगी। चित्तुपांडेय क्रासिंग पर बनने वाला अंडर पास 150 मीटर लंबा होगा। रेल पटरी से एक तरफ 80 व दूसरी तरफ 70 मीटर लंबा होगा। करीब छह मीटर चौड़ा और पांच मीटर गहराई होगी। अंडर पास में दो लेने में दोनों तरफ से वाहन आराम से फर्राटा भरेंगे। न्यायालय का दूसरा परिसर विशुनीपुर सब्जी मंडी के पास बनने के बाद 24 दिसंबर 2020 से अमर उजाला ने जाम से मुक्ति के लिए अभियान शुरू किया था। जिसे जिला जज ने संज्ञान लेकर त्रिस्तरीय समिति बनाकर अंडरपास निर्माण की जिम्मेदारी सौपी थी। टीम में पीडब्लूडी, जिला प्रशासन व रेल अधिकारी शामिल रहे। लखनऊ से ओवर ब्रिज का नक्शा मंगाकर सर्वे हुआ तो रेल इंजीनियरों ने क्रासिंग के पास बने आवासीय भवनों पर खतरा बताया। उन्होने ब्रिज के पूरब साइड अंडरपास बनाने की सलाह दी थी। लेकिन उधर एक दर्जन दुकाने होेने के कारण योजना अधर में लटक गई। डीएम प्रवीण कुमार ने जाम की समस्या को देखते हुए अधिकारियों संग मंथन कर दुकानों को खाली करवाने व तोड़वाने के बाद आगे की प्रकिया शुरू कर दी।
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