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बाराबंकी: 20 गांव डूबे, स्कूलों व अस्पताल में भरा पानी, नाव बनी सहारा
बाराबंकी: नेपाल के बैराजों से लगातार छोड़े जा रहे पानी और बारिश के चलते सरयू नदी ने मंगलवार को रौद्र रूप धारण कर लिया। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 50 सेमी ऊपर पहुंच गया। सिरौलीगौसपुर और रामनगर तहसील क्षेत्र के करीब 20 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। घरों में पानी घुसने के बाद ग्रामीण पलायन करने लगे हैं। कई गांवों में सड़कें डूब चुकी हैं और अब नाव ही आवागमन का एकमात्र सहारा रह गई है। बाढ़ ने स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों को भी अपनी चपेट में ले लिया है। अब तक बाढ़ से 1027 हेक्टेयर खेती चौपट हुई जबकि 6094 लोगों को प्रशासन ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का दावा किया है। बाढ़ से 2011 परिवार प्रभावित हुए हैं।
दरअसल बरसात के बीच नेपाल के बैराजों से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। मात्र 48 घंटे के अंदर 7.03 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। टिकैतनगर प्रतिनिधि के अनुसार रामसनेहीघाट तहसील के पूरेडलई ब्लॉक के सेमरी, बसंतपुर, पत्रा, खजुरा, उमराहरा, पांडेपुरवा, अतरसुइया, गुनौली, कोयलावर, ढेमा, किठुली, जलालपुर, असवा और लिलार सहित करीब एक दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। करीब 50 हजार की आबादी प्रभावित बताई जा रही है। गुनौली और कोयलावर में गांव के अंदर नाव चल रही है। ग्रामीण गृहस्थी का सामान समेटकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर चुके हैं। बाढ़ के पानी ने गांवों को जोड़ने वाले रास्तों को भी डुबो दिया है। बसंतपुर प्राथमिक विद्यालय में पानी भर गया है। विद्यालय के पीछे लगा बरगद का पेड़ गिरने से छत भी क्षतिग्रस्त हो गई। कई अन्य विद्यालय भी पानी से घिरे हुए हैं। एडीएम निरंकार सिंह ने बताया कि नौ गांव सबसे अधिक प्रभावित है। इनमें राहत व बचाव कार्य जारी है।
बांध पर तिरपाल के नीचे 40 परिवारों का बसेरा
सूरतगंज। रामनगर तहसील के सुंदरनगर, बेलहरी, कोड़री, लल्लूपुरवा, बलाईपुर, मदरहा, अटहरी, सकतापुर, गायघाट, तेवाराइनपुरवा और बल्लोपुर में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। घरों में पानी भरने के बाद करीब 40 परिवार हेमतापुर के पास बांध पर तिरपाल और पन्नी तानकर रहने को मजबूर हैं। बाढ़ के बीच इन परिवारों की जिंदगी खुले आसमान और अस्थायी छप्परों के नीचे गुजर रही है।
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स्वास्थ्य केंद्र डूबा, छप्पर के नीचे पढ़ाई
सिरौलीगौसपुर तहसील के गोबरहा गांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी बाढ़ के पानी में डूब गया है। अस्पताल तक पानी पहुंचने से मरीजों को इलाज के लिए पहुंचना चुनौती बन गया है। वहीं तेलवारी गांव का प्राथमिक विद्यालय भी पूरी तरह जलमग्न है। विद्यालय का संचालन अब छप्पर के नीचे अस्थायी रूप से किया जा रहा है। तेलवारी, गोबरहा, सनावा, भयकपुरवा, कहरनपुरवा, माझा रायपुर, बेहटा, परसवाल, बघौलीपुरवा, टेपरा, भैरवकोल, बीहड़ और मनीरामपुरवा समेत कई गांव पानी से घिरे हैं।
तहसीलों में भी कंट्रोल रूम, नंबर जारी
- कलेक्ट्रेट बाढ़ नियंत्रण कक्ष : 05248-226017, 1077 और मोबाइल नंबर 9454418880
- सिरौली गौसपुर तहसील: 05241-256166
- रामनगर तहसील 9454432051
- रामसनेहीघाट तहसील : 05241-255261
- बाढ़ कार्यखंड विभाग हेल्पलाइन : 9452672311
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