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गोंडा में खतरे के निशान से आधा मीटर ऊपर सरयू, 30 घरों में घुसा बाढ़ का पानी
नेपाल और बैराजों से छोड़े जा रहे पानी के बीच गोंडा में सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार सुबह 8.00 बजे एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 106.570 मीटर पहुंच गया, जो खतरे के निशान 106.070 मीटर से 0.50 मीटर ऊपर है। जलस्तर बढ़ने का क्रम जारी है। अयोध्या में भी सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचकर बढ़ रहा है।
बाढ़ की स्थिति अब गांवों में भी गंभीर होने लगी है। उमरी केवटाही के टेपरहन पुरवा मजरे में करीब 30 घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। घरों में पानी भरने से ग्रामीणों के सामने रहने के साथ ही खाने-पीने का संकट खड़ा हो गया है। आवागमन के लिए ग्रामीणों ने किसी तरह जुगाड़ का रास्ता तैयार किया है। इसी के सहारे ग्रामीण आने-जाने को मजबूर हैं।
ग्रामीण रेखा ने बताया कि उनके घर में पानी भर गया है। घर में रहना मुश्किल हो गया है और सबसे बड़ी समस्या खाने-पीने की है। गुड़िया ने बताया कि उनके घर में भी पानी भर गया है। घर में रहना संभव नहीं होने के कारण वह दूसरे के यहां रहने को मजबूर हैं। संगीता ने बताया कि अभी तक उन्हें कोई मदद नहीं मिली है।
आंकड़ों के मुताबिक मंगलवार सुबह आठ बजे कुल 3,41,857 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा था। इसमें गिरिजा बैराज से 2,06,553 क्यूसेक, शारदा बैराज से 1,35,054 क्यूसेक और सरयू बैराज से 250 क्यूसेक पानी शामिल है। हालांकि कुल डिस्चार्ज का ट्रेंड कम होने का है, लेकिन एल्गिन ब्रिज और अयोध्या में नदी का जलस्तर अभी बढ़ रहा है।
जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन के निर्देश पर बाढ़ चौकियों और शरणालयों को तैयार रखने, प्रभावित गांवों में मुनादी कराने और जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
राजस्व विभाग को राहत किट, भोजन, पेयजल और टेंट की व्यवस्था रखने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग को मेडिकल टीमें और सर्पदंश की वैक्सीन उपलब्ध रखने के निर्देश हैं। एसडीआरएफ और बचाव दल को नाव, लाइफ जैकेट समेत जरूरी उपकरण तैयार रखने को कहा गया है। प्रशासन ने तटबंधों और संवेदनशील स्थलों की लगातार निगरानी के निर्देश दिए हैं।
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