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फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट के खेल का भंडाफोड़, मामले की जानकारी देते डॉ. सुशील कुमार गुप्ता
झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 07 Aug 2026 05:51 AM IST
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मोटी वसूली कर फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने के धंधे का जिला अस्पताल के रक्त केंद्र प्रभारी ने भंडाफोड़ किया है। अफसरों से शिकायत करते हुए बताया उनके फर्जी हस्ताक्षर एवं रजिस्ट्रेशन नंबर की मुहर लगाई जा रही है। सीधे आरोप लगाया इसमें मेडिकल ऑफीसर पुलिस लाइन लिप्त है। मामले की गंभीरता देख एडी हेल्थ ने सीएमओ को जांच करके सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
रक्त केंद्र प्रभारी डॉ. सुशील कुमार गुप्ता (डॉ. एसके गुप्ता) ने डीएम एवं एसएसपी को शिकायती कर बताया कि मुझे अक्सर मेडिकल सर्टिफिकेट की छाया प्रतियां या सम्मन भेजे जाते हैं। जवाब देने या कोर्ट में उपस्थिति होने के लिए कहा जाता है। जबकि, वह न मेडिकल सर्टिफिकेट बनाते हैं और न पोस्टमार्टम करते हैं। यह काम डॉ. सूर्यकांत गुप्ता (डॉ. एसके गुप्ता) मेडिकल ऑफीसर पुलिस लाइन करते हैं। कुछ समय पहले एक समन (वारंट) पर जिला न्यायालय उरई में उपस्थित हुआ। वहां पत्रावलियों से पता चला कि हस्ताक्षर डाॅ. सूर्यकांत गुप्ता (डॉ. एसके गुप्ता) के हैं। वह काम सीएमओ के यहां तैनात वार्ड बॉय राकेश कुमार व चतुर्थ श्रेणी कर्मी संजय यादव द्वारा किया गया था। यदि दोनों कर्मियों से पूछताछ की जाए तो फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने का राज उजागर होगा। उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। इससे उनकी छवि धूमिल हो रही है जबकि सभी को मालूम है कि वह उक्त काम नहीं करते हैं।
कोविड में की शिकायत को दबाया
डॉ. सुशील ने बताया कोविड में भी फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट का मामला आया था। तत्कालीन सीएमओ से शिकायती की थी, जिन्होंने मिलीभगत के चलते मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया और आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
सीएमओ कर्मी सुबह से करता है दलाली
डॉ. गुप्ता का आरोप है कि सीएमओ कार्यालय में कार्यरत कर्मी राकेश कुमार सुबह से जिला अस्पताल में घूम-घूमकर दलाली का काम करता है। उसका प्रभाव इतना ज्यादा है कि अधिकारी भी मुंह नहीं खोलते हैं।
आईजीआरएस से खुला पूरा मामला
रक्सा निवासी रामनारायण वाल्मीकि ने आईजीआरएस पर डॉ. एसके गुप्ता द्वारा धर्मेंद्र कुमार से अवैध वसूली करके कूटरचित मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने की शिकायत की। उसने कहा, धर्मेंद्र कभी बीमार नहीं रहा है और न ऐसी कोई गंभीर बीमारी रही है। धर्मेंद्र ने सुविधा शुल्क देकर जिला अस्पताल के डॉ. आरके गुप्ता से फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाया है।
सीएमओ को जांच कर कार्रवाई के आदेश
एडी हेल्थ डाॅ. आरके सोनी ने बताया कि मामला काफी गंभीर है। डाॅ. एसके गुप्ता नाम की मुहर के साथ डॉक्टर के अलग-अलग रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित होना अपराध की श्रेणी में आता है। सीएमओ को स्पष्ट आदेश कर दिए हैं कि गंभीरता से जांच करके दोषियों को चिह्नित करके सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
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