{"_id":"69633eb6a862b9807d0a3003","slug":"meerut-kidnapped-girl-found-in-roorkee-on-third-day-accused-paras-som-arrested-kapsad-incident-2026-01-11","type":"video","status":"publish","title_hn":"Meerut: अगवा युवती तीसरे दिन रुड़की में मिली, आरोपी पारस सोम गिरफ्तार | कपसाड़ कांड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut: अगवा युवती तीसरे दिन रुड़की में मिली, आरोपी पारस सोम गिरफ्तार | कपसाड़ कांड
video Published by: पंखुड़ी श्रीवास्तव Updated Sun, 11 Jan 2026 11:39 AM IST
Link Copied
“मैं बाहर निकल रहा हूं…”
यह वाक्य जैसे ही पारस सोम ने फोन पर अपने दोस्त से कहा, पुलिस तुरंत अलर्ट हो गई। पारस का मोबाइल पहले से सर्विलांस पर था। कॉल सुनते ही मेरठ पुलिस ने हरिद्वार पुलिस से संपर्क साधा और रुड़की में घेराबंदी करा दी।
इससे पहले कि युवक-युवती ट्रेन से कहीं दूर निकल पाते, हरिद्वार के एसएसपी ने तत्काल एसपी देहात को रुड़की रेलवे स्टेशन भेजा। उधर मेरठ पुलिस भी रवाना हो गई, लेकिन उससे पहले ही हरिद्वार पुलिस ने युवती रूबी को बरामद कर लिया और मुख्य आरोपी पारस सोम को गिरफ्तार कर लिया।
घटना को अंजाम देने के बाद पारस सोम युवती को लेकर सहारनपुर के नागल क्षेत्र में एक रिश्तेदार के घर पहुंचा था, जहां वह दो दिन तक फरारी काटता रहा। सहारनपुर पुलिस को इनपुट मिला था कि दोनों नागल गांव में रुके हैं और शनिवार को दूसरी जगह जाने वाले हैं। इससे पहले कि पुलिस वहां पहुंच पाती, दोनों रुड़की रेलवे स्टेशन पहुंच गए।
रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर पारस ने अपने एक दोस्त को फोन कर बताया कि वह बाहर निकल रहा है। यह कॉल सर्विलांस टीम ने सुन ली। इसके बाद मेरठ पुलिस ने तुरंत हरिद्वार के एसएसपी को जानकारी दी। एसपी देहात हरिद्वार ने पुलिस टीम के साथ स्टेशन की घेराबंदी की और दोनों को ट्रेन पकड़ने से पहले दबोच लिया। देर रात मेरठ से एसपी सिटी की टीम दोनों को लेकर मेरठ रवाना हो गई।
उधर, सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में सुनीता की हत्या और बेटी रूबी के अपहरण के मामले में शनिवार को एडीजी भानु भास्कर, डीआईजी कलानिधि नैथानी और एसएसपी मौके पर डटे रहे। वरिष्ठ अधिकारी पल-पल की जानकारी लखनऊ स्थित मुख्यालय को देते रहे। गांव में किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगा दी गई, जिससे दिनभर तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
इस सनसनीखेज मामले में दर्ज एफआईआर में पारस सोम के साथ सुनील राजपूत और दो अज्ञात युवकों को भी नामजद किया गया था, लेकिन अब तक उनकी भूमिका स्पष्ट नहीं हो सकी है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बावजूद अन्य आरोपियों का सुराग न लग पाना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि युवती के अपहरण और सुनीता की हत्या की साजिश में चारों युवक शामिल थे। हालांकि पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आ रही है कि घटना के समय मौके पर केवल पारस सोम और रूबी ही मौजूद थे।
ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि एफआईआर में नामजद सुनील राजपूत और दो अज्ञात युवकों की वास्तविक भूमिका क्या थी—क्या वे साजिश में शामिल थे या घटना से पहले अथवा बाद में उनकी कोई भूमिका रही। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
$video_url='';
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।