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VIDEO : Raebareli: कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा आरक्षण केंद्र, टिकट न मिलने से यात्रियों को होती है निराशा
रायबरेली शहर के रेलवे स्टेशन पर आरक्षण काउंटर व्यवस्था संभालने के लिए कर्मचारियों की कमी है। महज छह लोगों का स्टाफ है, जिन्हें आरक्षण और पूछताछ काउंटर दोनों संभालने होते हैं। आठ-आठ घंटे की ड्यूटी के लिए तीन कर्मचारी पूछताछ में लगे रहते हैं, वहीं रिजर्वेशन काउंटर संभालने के लिए हर शिफ्ट में सिर्फ एक कर्मचारी ही मिल पाता है। वहीं रेल प्रशासन ने कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा है।
शहर के रेलवे स्टेशन रायबरेली के आरक्षण काउंटर पर अव्यवस्थाओं का दौर जारी है। आरक्षण काउंटर पर कर्मचारियों की कमी है। ऐसे में यात्रियों को हर दिन टिकट के आरक्षण के लिए इंतजार करना पड़ता है। यही कारण है कि काउंटर के बाहर लाइन लगती है। जिन यात्रियों को तत्काल टिकट चाहिए, उन्हें अधिक मशक्कत करनी पड़ती है। जहां एक तरफ कर्मचारियों की कमी रहती है तो देर से काउंटर खुलने और समय से तत्काल फार्म न मिलने के कारण भी यात्रियों को निराश होकर लौटना पड़ता है।
रेलवे आरक्षण काउंटर का हाल यह है कि सुबह से ही काउंटर पर कर्मचारी कम नजर आते हैं।
अधिकतर समय काउटंर में तैनात कर्मचारियों की कुर्सी खाली रहती है। तय समय पर काउंटर न खुलने, फार्म न मिलने और टिकट बनाने में देरी होने से ज्यादातर यात्रियों को ट्रेन का सफर निरस्त करना पड़ता है। एसी के तत्काल टिकट सुबह 10 बजे तो स्लीपर के 11 बजे से बनते हैं। तत्काल टिकट के लिए एसी का फार्म 9.40 बजे और स्लीपर का फार्म 10.40 बजे से मिलना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। वहीं रेल अधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों की कमी है। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को भी दी गई है।
स्टेशन अधीक्षक भी कई बार लिख चुके शिकायत
यात्रियों की ओर से लगातार आ रही शिकायतों को देखते हुए स्टेशन अधीक्षक रवि रंजन ने कई बार आरक्षण कार्यालय का मुआयना किया। सुधार लाने को भी कहा, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। इस पर उन्होंने नवंबर में तत्कालीन वाणिज्य निरीक्षक को भी कई बार पत्र भेजकर अवगत कराया है। वाणिज्य निरीक्षक डीएन शुक्ला का कहना है कि आरक्षण काउंटर बढ़ा दिए गए हैं, लेकिन कर्मचारियों की कमी है। व्यवस्था को दुरुस्त कराने के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है।
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