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Video: नेपाल में 1800 रुपये में बिक रही बहराइच और श्रावस्ती की यूरिया
जितेंद्र दीक्षित/राम सुहावन वर्मा। श्रावस्ती/जमुनहा। तराई के किसानों के लिए आने वाली सब्सिडी वाली यूरिया को तस्कर सीमा से सटे नेपाल के बांके जिले में धड़ल्ले से बेंच रहे हैं। जिम्मेदारों के नाक के नीचे जारी इस तस्करी के सरगना एक बोरी यूरिया पर 1200 से 1500 रुपये मुनाफा कमा रहे हैं। वहीं, तराई के किसान एक बोरी यूरिया के लिए सरकारी व निजी दुकानों के चक्कर काट रहे हैं। ऐसा तब है जब 17 दिसंबर को ई-पॉश मशीन के जांच में रात में खाद बेंचने का खुलासा हुआ था और शासन की ओर से 12 दुकानों के खाद लाइसेंस निलंबित व 17 को नोटिस जारी किया गया था।
यूरिया तस्करी को लेकर बुधवार को पड़ोसी देश नेपाल की पड़ताल की गई। पड़ताल में नेपाल के बांके जिले के बेतहनी चौक के पास आधा दर्जन से अधिक किराने की दुकानों पर भारतीय सब्सिडी वाली यूरिया खाद खुलेआम बिकती मिली। बोरियों पर साफ-साफ भारत सरकार द्वारा सब्सिडीयुक्त लिखा मिला। दुकानदारों से जब खाद की कीमत पूंछी गई तो दुकानदारों ने 1800 से लेकर 2000 रुपये का भाव बताया। नेपाल में भारी मात्रा में पहुंच रही अनुदानित खाद को लेकर जहां जिम्मेदार चुप्पी साधे हुए हैं तो वहीं सीमा से सटे दुकानदार व तस्कर मुनाफाखोरी की मलाई चाट रहे हैं।
बहराइच व श्रावस्ती की पगडंडियां बनी सहारा
नेपाल के सूत्रों की मानें तो तस्कर बहराइच जिले के गंगापुर, गुलरिहा समेत कई खुली पगडंडियों के रास्ते खाद को बॉर्डर पार पहुंचाते हैं। दिन के समय जहां छोटी-छोटी बोरियों में खाद को खेतों में छिड़काव का बहाना बताकर पार करवाया जाता है तो वहीं रात के समय पूरी की पूरी बोरी पार करवा देते हैं। तस्कर खाद को बहराइच के नवाबगंज, नूरी चौराहा, बाबागंज और श्रावस्ती के मल्हीपुर, माल्ही चौराहा आदि के पास स्थित निजी व सहकारी समितियों से खरीदते हैं।
सबको मिलता है मुनाफे में हिस्सा
सूत्रों की मानें तो तस्कर सीमा से सटे भारतीय क्षेत्र की दुकानों से 350 से 450 रुपये में एक बोरी यूरिया खाद खरीदते हैं। इससे बिक्रेता को एक बोरी पर 120 से लेकर लगभग 200 रुपये तक मुनाफा मिलता है। तस्कर 100 रुपये से 150 रुपये देकर यूरिया को बार्डर पार करवाते हैं और फिर उसे क्षेत्रीय दुकानदारों को बेंच देते हैं। नेपाल के स्थानीय दुकानदार अपना मुनाफा जोड़ कर 267 रुपये में भारतीय क्षेत्र में मिलने वाली सब्सिडी युक्त यूरिया को 1800 रुपये से 2000 रुपये में बेंचते हैं।
रात में बेंचते थे खाद, हुई थी कार्रवाई
तराई से यूरिया तस्करी कोई पहली बार नहीं है। धान के सीजन में भी बड़े पैमाने पर यूरिया तस्करी के आरोप लगे थे। भारतीय क्षेत्र में यूरिया के लिए लंबी-लंबी लाइन लग रही थी और नेपाल में धड़ल्ले से अनुदानित यूरिया बिक रही थी। लगातार शिकायत पर शासन की ओर से ई-पॉश मशीन की जांच करवाई थी, जिसमें 29 दुकानों में रात में खाद बिक्री होने का खुलासा हुआ था। जिसके बाद शासन के निर्देश पर 12 दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए थे और 17 को नोटिस जारी किया गया था। शासन की कार्रवाई के बाद भी यूरिया तस्करी का जारी रहना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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