{"_id":"6996e06c6599bc5023029b3b","slug":"video-tharali-allegations-of-corruption-and-poor-quality-in-the-improvement-of-nanda-rajjat-motor-road-2026-02-19","type":"video","status":"publish","title_hn":"Tharali: नंदा राजजात मोटर मार्ग सुधारीकरण में भष्ट्राचार और निम्न गुणवत्ता के लगे आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Tharali: नंदा राजजात मोटर मार्ग सुधारीकरण में भष्ट्राचार और निम्न गुणवत्ता के लगे आरोप
थराली और देवाल के जनप्रतिनिधियों ने विभाग और ठेकेदार पर आरोप लगाये हैं कि थराली-देवाल-वाण मोटरमार्ग पर गुणवत्ता के अनुसार नहीं हो रहा है। इस मोटरमार्ग पर बंदरढौन व अन्य स्थानों पर मिट्टी के ढेर में बन रही दीवार और वायरक्रेट अभी से धंस गए हैं। वर्तमान समय में नंदा देवी राजजात यात्रा की तैयारी को लेकर इस मोटर मार्ग के सुधारीकरण व डामरीकरण का कार्य लगभग 32 करोड़ 69 लाख रुपए की लागत से होना हैं, लेकिन घटिया गुणवत्ता का निर्माण कार्य होने के कारण कई स्थानों पर वायरक्रेट मलबे के ढेर में लगाये जा रहे हैं, जिससे वे लगाते ही धंसने लग गये हैं।
ब्लॉक प्रमुख थराली प्रवीण पुरोहित का कहना है कि जिस तरह से ठेकेदार ने कमीशन पर इस महत्वपूर्ण योजना को छोटे-छोटे ठेकेदारों को बांट दिया है उससे कार्य की गुणवत्ता का यही हाल होना हैं, उन्होंनें कहा कि विभाग और ठेकेदार लीपापोती कर जनता के पैसों को लूट रहे हैं, यहां बता दें कि थराली-देवाल मोटर मार्ग के किमी 3 में लोनिवि कार्यालय से सिर्फ दो सौ मीटर की दूरी पर बंदर ढौन में क्षतिग्रस्त मोटर मार्ग पर वायरक्रेट का कार्य किया जा रहा है लेकिन ये अभी से धंसने लगे हैं, राजजात के समय इस मोटर मार्ग पर वाहनों का अत्यधिक दबाब रहेगा, जिससे यहां पर सड़क टूटने की पूरी संभावना बनी है।
पूर्व विधायक थराली डॉ जीतराम का कहना हैं कि थराली- देवाल- वाण मोटरमार्ग पर जिस व्यक्ति का टेंडर हुआ है,वह यहां नहीं आना चाहता है, उसने स्थानीय ठेकेदारों को टुकड़ों- टुकड़ों पर काम बांट दिया है, जिस कारण कार्य में गुणवत्ता नहीं आ रही है, घटिया गुणवत्ता का कार्य इस मोटरमार्ग पर किया जा रहा हैं और कमीशनखोरी चरम पर है, इससे अच्छा तो यह होता कि छोटे-छोटे टेंडर लगाए जाते और स्थानीय ठेकेदारों और स्थानीय लोगों को काम भी मिलता,और कार्य में गुणवत्ता भी होती,इस प्रकार का घटिया गुणवत्ता का निर्माण कार्य होना यह इस सरकार की नाकामी है।
ज्येष्ठ उप प्रमुख देवाल दीपक गड़िया का कहना है कि नंदा राजजात के लिए स्वीकृत धनराशि का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए, क्योंकि 32 करोड़ 69 लाख रुपये एक बड़ी धनराशि होती है, इस धनराशि की बंदर बांट नहीं होनी चाहिए और निर्माण कार्य में गुणवत्ता होनी चाहिए और अच्छी गुणवत्ता का निर्माण कार्य किया जाना चाहिए, अन्यथा हम सभी जनप्रतिनिधि इस सम्बन्ध में मिलकर विशाल जनआंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
स्थानीय ग्रामीण दयाल राम, कमल सिंह, नवीन चंद्र, उमेश प्रसाद आदि का कहना है कि हमने विभाग को बंदर ढौन व अन्य स्थानों पर सड़क को अंदर काटकर चौड़ीकरण करने की मांग की थी, जिससे भूस्खलन जोन से छुटकारा मिल सके लेकिन विभाग ने भूस्खलन जोन में मिट्टी के ढेर में ही वायरक्रेट लगा दिए जो अभी से धंसने लग गये हैं जिससे आवाजाही जोखिमपूर्ण बनी हुई है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।