नकली नोट छापने की तकनीक गूगल से सीखी। छपाई इतनी बेहतर है कि एकबारगी पुलिस भी धोखा खा गई, मगर सभी पर अंकित एक ही सीरियल नंबर ने संदेह पैदा कर दिया। ये खुलासा किया, नकली नोट छापने व चलाने वाले गिरोह के पांच सदस्यों ने, जिन्हें उत्तर प्रदेश की बस्ती पुलिस ने बीते दिन नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया था। उनके पास से दो-दो सौ के 1.81 लाख जाली नोट भी पकड़े गए। जानिए, किसके पास-कितने जाली नोट मिले..
गूगल पर सीखा और नकली नोट लगे छापने, छापा पड़ा लगे कांपने, गिरफ्तार हुए तो कई खुलासे
एसपी हेमराज मीना के मुताबिक गिरफ्तार पांचों आरोपियों गणेश मौर्या, अजय यादव, अमृत सेन, विजय प्रकाश और अभय श्रीवास्तव हैं। अभय के केंवचा गांव स्थित घर से नोट छापने के उपकरण, काफी संख्या में अर्द्धनिर्मित नोट, नोट की साइज में कटे हुए कागज, पांच मोबाइल फोन आदि बरामद किए गए। गिरोह के सरगना गणेश मौर्य ने बताया कि अभय के घर नोट छापकर वे लोग अंबेडकर नगर, आजमगढ़ समेत कई जिलों के में सप्लाई करते थे।
- गणेश मौर्या निवासी महराजगंज जनपद आजमगढ़ के पास 55 हजार
- अजय यादव निवासी मोतीपुर थाना कलवारी के पास से 45 हजार
- अमृत सेन व विजय प्रकाश निवासी मुसेपुर कला, अंबेडकर नगर के पास से क्रमश: 30 व 25 हजार
- अभय श्रीवास्तव निवासी केंवचा थाना कलवारी के पास 26,200 हजार
नकली नोट छापने के आरोपियों के यहां से मिले सामान
कलवारी पुलिस के साथ एसओजी टीम ने कलवारी-बस्ती रोड पर अक्सड़ा पुल के पास छापा मारकर नकली नोट छापने वाले जिन पांच सदस्यों को दबोचा, उनके घर से पुलिस ने काफी सामान भी बरामद किया।
आरोपियों के कब्जे से एक लाख 81 हजार रुपये के जाली नोट बरामद की गई। 74 पेज अर्द्धनिर्मित नोट, छपे हुए कटे फटे 15 नोट, सफेद कागज 20 पेज, डाटा केबल, स्केल, कटर, लैपटॉप, प्रिंटर के साथ पांच मोबाइल फोन और एक बाइक भी बरामद की गई।
अपर पुलिस अधीक्षक पंकज के निर्देशन एवं क्षेत्राधिकारी कलवारी अनिल कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में एसओजी प्रभारी अवधेश राज सिंह, कांस्टेबल आदित्य पांडेय, बुद्धेश कुमार, राम सुरेश यादव, दिलीप कुमार एवं अजय यादव के अलावा थानाध्यक्ष कलवारी संतोष कुमार सिंह की टीम ने मुखबिर की सूचना पर पांचों को गिरफ्तार किया था। एसपी ने इन्हें 10 हजार रुपये इनाम देने की भी घोषणा की है।