दिवाली पर्व पर इस बार लोकल (स्थानीय) टेराकोटा उत्पादों की धूम है। खरीदारी करने वाले अपने जानने वालों इन उत्पादों की गुणवत्ता और डिजाइन और उपयोगिता की तारीफ कर रहे हैं।
Exclusive: इस दिवाली पर्व पर लोकल हुआ वोकल, गोरखपुर वासियों को खूब लुभा रहा टेराकोटा
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पांच डिजाइन के दीये
दुकानों पर टेराकोटा में पांच डिजाइन के दीये मौजूद हैं। इनमें हार्ट, शंख, स्वास्तिक, लीफ एवं गोल दीये शामिल हैं। इनकी कीमत दो रुपये से 10रुपये के बीच है। इसके अलावा इस बार कलश दीया विशेष आकर्षक का केंद्र है। इसकी कीमत 70 से 150 रुपये तक है।
टेराकोटा के सामानों की कीमत
- रिंग दीपक लक्ष्मी-गणेश के साथ: 120 रुपये
- पूजन थाली लक्ष्मी-गणेश के साथ: 70 से 150 रुपये
- गणेश प्रतिमा: 700 रुपये
- लेयर दीपक: 350 से लेकर 700 रुपये
- लालटेन: 70 से 250 रुपये
- झूमर लाइट: 60 से 200 रुपये
- हाथी: 300 रुपये जोड़ा
- मोर स्टैंड: 1400 रुपये
- बड़ा कछुआ और मछली: 500 रुपये
- पेड़ मटका: 400 से 500 रुपये
- पहरेदार: 1600 से 2500 रुपये
- टेराकोटा टेबल: 3200 रुपये
- शहनाई वादक: 1500 रुपये
- कछुआ गुल्लक: 50 से 150 रुपये
- पंच थाली दीया: 60 से 150 रुपये
ये बोले कलाकार
बाजार में रौनक बढ़ी
कलाकार इंद्रासनी प्रजापति ने कहा कि कोविड महामारी के बाद इस बार बाजार में रौनक बढ़ी है। लोग टेराकोटा उत्पादों को काफी पसंद कर रहे हैं। अच्छे व्यवसाय से हम लोगों की दिवाली भी अच्छे तरीके से मनेगी।
ग्राहकों की पसंद का ख्याल
कलाकार सोनू प्रजापति ने कहा कि त्योहारी सीजन में कलश दीपक, पंच थाली दीया और कछुआ की बिक्री अधिक हो रही है। ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखकर उत्पाद बनाए गए हैं। बाहर भी टेरोकोटा उत्पादों की अच्छी मांग है।
अच्छे कारोबार की उम्मीद
कलाकार संजय प्रजापति ने कहा कि दिवाली को ध्यान में रखकर पिछले कुछ महीने में टेराकोटा के तमाम उत्पाद तैयार किए गए हैं। इसमें पांच डिजाइन के दीये मुख्य है। उम्मीद है कि इस बार दिवाली पर अच्छा कारोबार होगा।
सजावट के समानों की मांग ज्यादा
कलाकार रितेश प्रजापति ने कहा कि हम लोगों को दिवाली को इंतजार रहता है। पिछले दो साल की अपेक्षा में इस वर्ष चहल-पहल ज्यादा है। टेराकोटा में लक्ष्मी-गणेश के साथ ही सजावट के समानों की मांग अधिक है।
गाय के गोबर से बने दीयों ने लुभाया
सिडवी और असीमा टेराकोटा की ओर से हस्तशिल्प मेले का आयोजन मंगलवार को बसारतपुर स्थित लिटिल फ्लावर स्कूल में हुआ। जहां टेराकोटा, काला नमक चावल, मूंज के सामान, गाय के गोबर से बने दीये व विभिन्न समूहों द्वारा निर्मित मसाले, अचार, हाथ से बनी दोहर, रजाइयां और चादरों के स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे। मुख्य अतिथि पूर्व मेयर सत्या पांडेय ने महिलाओं का उत्साहवर्धन किया। इसी कड़ी में मेला स्थल पर स्वास्थ्य शिविर में 200 महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच हुई। साथ ही दवाओं का भी वितरण हुआ।