चौबीस घंटे के भीतर बाढ़ प्रभावित गांवों की संख्या में भले ही इजाफा हुआ है मगर राहत की बात यह है कि जिले की सभी नदियां उतार पर हैं। राप्ती को छोड़ बाकी सभी नदियां अपने खतरे के निशान से नीचे आ गई हैं। मंगलवार को प्रभावित गांवों की संख्या 295 से बढ़कर 302 हो गई। इनमें 139 गांव अभी भी चारों तरफ से पानी से घिरे हुए हैं। करीब 1 लाख 90 हजार आबादी और 15 हजार 385 हेक्टेयर क्षेत्रफल प्रभावित है।
Gorakhpur Flood: उतार पर गोरखपुर जिले की नदियां, बाढ़ प्रभावित गांवों की संख्या हुई 302
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बचाव कार्य अभी भी तेजी से जारी हैं। प्रभावित गांवों में 139 नाव और मोटर बोट संचालित किए जा रहे हैं। नदियों का जलस्तर उतार पर होने की वजह से उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही कई गांवों से पानी निकल जाएगा।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणा के मुताबिक सरयू अयोध्या में खतरे के निशान 92.73 मीटर से घटकर 92.58 मीटर पर बह रही है। इसी तरह कुआनों मुखलिसपुर में 77.25 मीटर पर बह रही है। इसका खतरे का निशान 78.65 मीटर है। राप्ती बर्डघाट में अपने खतरे के निशान 74.98 से ऊपर 76.07 मीटर पर बह रही है। वहीं रोहिन त्रिमुहानी घाट पर 80.07 मीटर पर है। इसका खतरे का निशान 82.44 है।
बाढ़ बचाव कार्य तेज
आपदा प्रभारी एवं अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राजेश कुमार सिंह ने बताया कि बाढ़ बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। नदियों का जलस्तर भी अब घटने लगा है। बाढ़ राहत के लिए तहसीलों में कम्यूनिटी किचन की व्यवस्था की गई है। इन किचन के माध्यम से अब तक 18542 लंच पैकेट तथा 29 हजार पानी के बोतलों का वितरण हो चुका है। इसी तरह बाढ़ प्रभावित व्यक्तियों को अब तक 26 हजार 90 राशन खाद्यान्न किट और तिरपाल और जेरीकेन वितरित किया गया है। मेडिकल टीम प्रभावित लोगों और पशुओं की जांच के साथ दवाओं का वितरण कर रही है।
| तहसील | प्रभावित गांवों की संख्या | पानी से पूरी तरह घिरे |
| सदर | 38 | 19 |
| सहजनवां | 11 | 09 |
| कैंपियरगंज | 69 | 05 |
| खजनी | 37 | 08 |
| गोला | 132 | |
| चौरीचौरा | 06 | 04 |
| बांसगांव | 09 | 05 |