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बाढ़ का कहर: गोरखपुर के 21 गांव और आए बाढ़ की चपेट में, संख्या हुई 354
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 06 Sep 2021 01:43 PM IST
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर जिले की सभी प्रमुख नदियों का जलस्तर नीचे आने लगा है लेकिन बाढ़ प्रभावित गांवों और लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। बीते 24 घंटे में 21 और गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। अब कुल बाढ़ प्रभावित गांवों की संख्या 354 हो गई है। करीब ढाई लाख आबादी बाढ़ की चपेट में हैं जबकि 44270 हेक्टेयर फसल बर्बाद हो चुकी है। बाढ़ के इस बढ़ते प्रकोप से सामान्य जन जीवन प्रभावित हो गया है। सितंबर की शुरुआत में राप्ती, घाघरा, रोहिन और आमी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया था। अब पानी घट रहा है, लेकिन बांधों में रिसाव व रिंग बांध के टूटने के कारण नदी के दियारा क्षेत्र के अलावा भी अगल-बगल के गांव प्रभावित होने लगे हैं। सबसे अधिक परेशानी आमी नदी का पानी फैलने के चलते हुई है। इस नदी के पानी से गीडा क्षेत्र में इंडियन ऑयल के बाटलिंग प्लांट की रिफिलिंग से लेकर गोरखपुर-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच 29) पर आवागमन तक प्रभावित है।
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
आपदा प्रबंधन कार्यालय से मिले आंकड़ों के मुताबिक रविवार को सदर तहसील के 76 गांव तथा गोला तहसील के 75 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा कैंपियरगंज के 59, सहजनवां के 38, खजनी के 33, बांसगांव के 45 तथा चौरीचौरा के 28 गांव बाढ़ की चपेट में हैं।
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों के आवागमन की सुविधा के लिए 466 नावें और मोटरबोट लगाई गईं हैं। बाढ़ के चलते 2,50,733 लोग प्रभावित हुए हैं जबकि 44270 हेक्टेयर फसल डूबकर बर्बाद हो गई है। बाढ़ में फंसे लोगों के जान-माल की सुरक्षा के लिए एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमें भी लगी हैं।
गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
सभी प्रकार की सुविधा का दावा
जिला प्रशासन का दावा है कि बाढ़ पीड़ितों में राहत सामग्री का वितरण किया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित गांवों में मेडिकल टीम जाकर लोगों का उपचार कर रही है। लोगों में क्लोरीन की गोलियां भी बांटी जा रही हैं। इसके अलावा बाढ़ के पानी से घिरे गांवों के पशुओं को पशु शिविरों में रखा गया है। वहां पर चारा की व्यवस्था की गई है। पशुओं का टीकाकरण किया जा रहा है।
जिला प्रशासन का दावा है कि बाढ़ पीड़ितों में राहत सामग्री का वितरण किया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित गांवों में मेडिकल टीम जाकर लोगों का उपचार कर रही है। लोगों में क्लोरीन की गोलियां भी बांटी जा रही हैं। इसके अलावा बाढ़ के पानी से घिरे गांवों के पशुओं को पशु शिविरों में रखा गया है। वहां पर चारा की व्यवस्था की गई है। पशुओं का टीकाकरण किया जा रहा है।
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गोरखपुर डीएम विजय किरन आनंद।
- फोटो : अमर उजाला।
डीएम विजय किरन आनंद ने बताया कि राप्ती एवं रोहिन के जलस्तर में कमी आ रही है, जबकि गोर्रा नदी की स्थिति नियंत्रण में है। बाढ़ पीड़ितों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। बाढ़ में फंसे लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। लोगों से अपील है कि वे आपदा के दौरान प्रशासन का सहयोग करें। किसी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। बाढ़ के पानी में जान जोखिम में डालकर न जाएं। अगर कहीं कोई दिक्कत आ रही है तो सीधे अफसरों के संज्ञान में मामला लाएं, तत्काल कार्रवाई होगी।