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BAMS: 60 हजार में पास कराने का ठेका, नंबर बढ़वाने की गारंटी, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
Sun, 25 Sep 2022 07:00 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sun, 25 Sep 2022 07:00 AM IST
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BAMS answer sheet exchange case
- फोटो : अमर उजाला
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की बीएएमएस परीक्षा की कॉपियां बदलने के लिए बड़ा रैकेट काम कर रहा है। इसमें बीएएमएस के छात्र ही शामिल हैं। पुलिस ने शनिवार को हाथरस के प्रेम रघु आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के बीएएमएस के तृतीय वर्ष के छात्र पुनीत और महर्षिपुरम निवासी ठेकेदार दुर्गेश ठाकुर को जेल भेजा है। पुनीत फेल छात्रों के लिए कॉपियां लिखता था। कई और छात्र भी शामिल हैं। दुर्गेश कॉपियां लिखवाने वाले छात्रों से संपर्क करता था। उनसे रकम लेता था। आरोपियों से 3 उत्तर पुस्तिकाएं बरामद की गई हैं।
पुलिस हिरासत में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
कर्मचारियों की भी मिलीभगत
एसपी सिटी विकास कुमार के मुताबिक, पूछताछ में दुर्गेश ठाकुर ने बताया कि वह राहुल पाराशर, पुनीत, रंजीत, जयंत और अशरफ के साथ काम कर रहा था। सभी विश्वविद्यालय के बीएएमएस के छात्र-छात्राओं से संपर्क करते हैं। परीक्षा में नंबर बढ़वाने के लिए बात करते हैं। राहुल पाराशर छात्र नेता होने के नाते विश्वविद्यालय के कई कर्मचारियों के संपर्क में था। वह देवेंद्र सिंह के माध्यम से कॉपियां अपने पास मंगवाता था।
आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
फेल छात्रों से करते थे संपर्क
आरोपियों से ज्यादातर फेल छात्र ही संपर्क करते थे। उनकी कापियों के स्थान पर पहले से लिखी गईं कॉपियां रख दी जाती थीं। राहुल और रंजीत एजेंसी के कार्यालय में ये कॉपियां पहुंचाते थे। वह किससे सांठगांठ करते थे, इसकी जानकारी उन्हें ही है। 26 अगस्त को राहुल पाराशर और रंजीत ने दुर्गेश और पुनीत को बहुत सारी कॉपियां दी थीं। बरामद कापियां उनमें से ही बची हुई हैं। राहुल पाराशर ने बाद में कॉपियां लिखने के लिए कहा था।
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आगरा: एसपी सिटी विकास कुमार
- फोटो : अमर उजाला
60 हजार में पास कराने का ठेका
पुलिस के मुताबिक, दुर्गेश ठाकुर कंस्ट्रक्शन ठेकेदार भी है। वह फेल छात्रों से संपर्क करता था। पास कराने के लिए 60 हजार तक में ठेका लेता था। पुनीत कॉपियां मिलने पर खुद लिखने का काम करता था। उसने दो और छात्रों के नाम बताए हैं, जिनसे कॉपियां लिखवाता था। इसके लिए एक कॉपी के दो हजार रुपये तक लिए जाते थे। पूछताछ में पता चला कि एक बार में 20-20 कॉपियां उनको मिल जाती थीं। कॉपियां लिखने के बाद देवेंद्र के पास पहुंचा दी जाती थीं। एजेंसी के कर्मचारियों की सांठगांठ से उन्हें रख दिया जाता था। अब पुलिस छात्र के सहयोगी छात्र और कर्मचारियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
इनकी हुई गिरफ्तारी
- दुर्गेश ठाकुर निवासी छह परसाईपुर नहौरा, थाना जलालपुर, जौनपुर।- पुनीत निवासी नमैनी, थाना कोतवाली, कासगंज।