अप्रैल और मई में कोरोना की दूसरी लहर ने पिछले साल के सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। पिछले साल की तुलना में अप्रैल में 18 गुना और मई में 15 गुना संक्रमित बढ़े हैं। जबकि अप्रैल में पांच गुना और मई में तीन गुना अधिक लोगों की मौत हो गई। जिला प्रशासन ने मंगलवार को मार्च 2020 से मई 2021 तक मासिक संक्रमण, सैंपलिंग और मृतकों मरीजों की रिपोर्ट जारी करते हुए यह खुलासा किया है। पिछले साल सबसे ज्यादा संक्रमित सितंबर में मिले थे। तब 71754 लोगों की जांच में 2859 मरीज मिले और 24 मरीजों की मृत्यु हुई थी। जबकि इस साल अप्रैल में सबसे ज्यादा 1,14965 लोगों की जांच में 9718 मरीज मिले हैं और 158 मरीजों की मौत हो चुकी है। पिछले साल अप्रैल की तुलना में इस बार संक्रमितों की संख्या 18 गुना और मृतकों की संख्या पांच गुना बढ़ी है। तब अप्रैल में 5738 लोगों की जांच में 537 मरीज मिले और 32 ने दम तोड़ा।
कोरोना संक्रमण: दो महीने में दूसरी लहर ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, अप्रैल में 18 तो मई में 15 गुना मिले संक्रमित
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अप्रैल और मई में सबसे ज्यादा मरीज और सबसे ज्यादा मृत्यु हुई है। दूसरी लहर अचानक आई। संभलने का मौका नहीं मिला। भविष्य के अभी से ऑक्सीजन, बेड व दवाओं की व्यवस्था की जा रही हैं। - प्रभु एन सिंह, जिलाधिकारी
आगरा में कोरोना वायरस की दूसरी लहर में पहली लहर के मुकाबले लगभग आठ गुना बच्चे संक्रमित हुए। राहत की बात रही कि उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की नौबत नहीं आई। सीएमओ डॉ. आरसी पांडेय ने बताया कि बीते साल मार्च से 2021 मार्च तक 10 साल से कम उम्र के 10 हजार से अधिक बच्चों के नमूनों की जांच हुई। इसमें से 213 बच्चों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। दूसरी लहर में अप्रैल और मई में ही 261 बच्चों में कोरोना वायरस पाया गया। अप्रैल में 130 और मई में 131 बच्चे संक्रमित मिले।
मई के बीते दस दिन से संक्रमण की दर में तेजी से कमी आई है। मरीजों की संख्या कम हुई है, बच्चों में संक्रमण भी घटा है। 20 से 31 मई तक महज तीन बच्चे ही संक्रमित पाए गए हैं।
जुकाम-खांसी में बच्चों से बरतें दूरी
इंडियन पीडियाट्रिक्स एसोसिएशन आगरा के अध्यक्ष डॉ. आरएन शर्मा ने बताया कि कोरोना संक्रमण की दर भले ही कम हो गई हो, लेकिन लापरवाही कतई न बरतें। घर में किसी परिजन को जुकाम-खांसी, बुखार है या टीबी-सांस रोगी हैं तो वह बच्चों से दूरी बरतें। मास्क लगाकर रखें।
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