आगरा में राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर लापरवाही के कारण लोगों की जान खतरे में है। रविवार को आईएसबीटी के सामने निर्माणाधीन फ्लाईओवर से हाथरस के बाइक सवार की गिरकर मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद अमर उजाला ने वाटरवर्क्स से लेकर सिकंदरा मंडी तक 10 किलोमीटर हाईवे की पड़ताल की तो पाया कि यहां आठ अवैध कट हैं, जहां हादसों का खतरा है। यही नहीं 19 मेनहोल पर ढक्कन ही नहीं हैं। मिट्टी को खोदकर सड़क किनारे डाल दिया गया है। डायवर्जन और यू टर्न के लिए संकेतक तक नहीं बनाए गए हैं। हाईवे के दोनों ओर तकरीबन पांच किमी के हिस्से में सर्विस लेन नहीं है।
आगरा-दिल्ली हाईवे पर लापरवाही: दस किलोमीटर में आठ अवैध कट, 19 मेनहोल पर ढक्कन ही नहीं
फुटओवर ब्रिज के पास एनएचएआई ने लोहे की रेलिंग में छह फुट की जगह छोड़ दी है। लोगों ने इसी को रास्ता बना लिया है।
चार खंभा कट
लंगड़े की चौकी से 300 मीटर की दूरी पर ही दूसरा कट खुला हुआ है। इससे भी पूरे दिन लोगों का आवागमन बना रहता है।
अबुलउला कट
यहां भी रेलिंग खुली छोड़ दी गई हैं। राहगीरों के अलावा गुरुवार को लगने वाले मेले के दौरान हजारों लोग इसी कट से गुजरते हैं।
- कमला नगर पेट्रोल पंप के सामने
- हीरा टॉकीज के सामने
- तुलसी टाकीज के मोड़ पर
- एसआरके मॉल के सामने
यहां खुले पड़े हैं मेनहोल
- मथुरा की ओर जाने वाली सड़क पर सिकंदरा मंडी अंडरपास के सामने दस जगह ढक्कन खुले पड़े हैं।
- मरियम टूम, सिकंदरा थाने के सामने, मंडी के पास और कैलाश मोड़ से शांति वेद तक चार जगह।
- ट्रांसपोर्ट नगर से तुलसी टाकीज जाने वाली सर्विस लेन पर दो जगह। पांच किलोमीटर सर्विस लेन नहीं।
- गुरुद्वारा गुरु का ताल से सिकंदरा स्मारक तक एनएचएआई ने सिक्सलेन प्रोजेक्ट में सर्विस लेन ही नहीं बनाई है। यह करीब तीन किलोमीटर है।
- ट्रांसपोर्ट नगर से से दरगाह तक सर्विस लेन नौ साल बाद भी कच्ची पड़ी है। इसे एनएचआई ने बनवाया ही नहीं है। यह दो किलोमीटर है।
हाईवे और सर्विस लेन के बीच हो ग्रिल
लोक निर्माण विभाग के पूर्व अभियंता हृदेश शर्मा ने कहा कि हाईवे का सिक्सलेन प्रोजेक्ट आठ साल से चल रहा है, लेकिन अभी तक पूरा नहीं हो सका है। सर्विस लेन और हाईवे के बीच में डिवाइडर और ग्रिल होने चाहिए। यह आधे हिस्से में ही हैं। निर्माणाधीन साइटों के आधा किलोमीटर पहले ही संकेतक होने चाहिए। प्रकाश व्यवस्था भी समुचित होनी चाहिए।
काम चल रहा है, ढक्कन लगवाए जाएंगे
एनएचएआई के परियोजना निदेशक वीपी जोशी ने कहा कि गुरुद्वारा, तुलसी टाकीज और असोपा के पास अंडरग्राउंड नाले का काम चल रहा है। खुले मैनहोल पर ढक्कनों को लगवाया जाएगा। अभी तक पांच अवैध कट बंद किए गए हैं। कुछ कट लोगों ने खुद बना लिए हैं। इन्हें भी बंद कराया जाएगा। निर्माणदायी एजेंसी को नोटिस दिया जाएगा।
