ठाकुर श्रीप्रियाकांत जू मंदिर में ब्रज की सातों प्रकार की होली खेली गयी। श्रद्धालुओं से खचाखच भरे मंदिर प्रांगण में जब हाइड्रोलिक पिचकारी से टेसू का रंग बरसा तो फाग के गीत जीवन्त हो गये। देवकीनंदन महाराज के साथ श्रद्धालु व शिष्यों ने ब्रज के प्रमुख महोत्सव का आनंद लिया। ब्रजवासियों की रसीले हास परिहास से शुरू हुई होली लठामार और फूलों की होली में बदल गयी।
मथुरा: हाइड्रोलिक पिचकारी से बरसते टेसू के रंग, अबीर गुलाल में सराबोर भक्त, प्रियाकान्त जू मंदिर में खेली गई सातों प्रकार की होली, देखें तस्वीरें
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 17 Mar 2022 06:26 PM IST
सार
होलिका दहन से पहले मंदिर प्रांगण में सात प्रकार की होली खेली गई। देवकीनंदन महाराज ने चंदन गुलाल लगाकर इसकी शुरूआत की। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच फूलों की होली, लड्डु जलेबी होली, रसिया गायन होली, भजन नृत्य होली, लठामार होली, गुलाल की होली और अंत में टेसु के रंगों की होली खेली गई।
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