सिर पर महिला सिपाही के प्रेम का जुनून सवार होने पर एक युवक ने न केवल अपनी पत्नी व दो मासूम बच्चों की क्रूरता से हत्या कर दी। बल्कि अपने दोस्त की भी हत्या कर दी और अपनी पहचान छिपाकर युवक दिल्ली के मछरोली में रहने लगा। हत्याओं के साढ़े तीन साल के बाद इस सनसनीखेज मामले का खुलासा डीएनए रिपोर्ट आने के बाद हुआ तो परत दर परत मामला खुल गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी, महिला सिपाही सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। पुलिस ने पत्नी और बच्चों के शवों के कंकाल बरामद किए हैं जो उसने नोएडा में अपने ही घर में दफन कर दिए थे। पुलिस अधीक्षक रोहन प्रमोद बोत्रे ने इस सनसनीखेज खुलासे के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि 26 अप्रैल 2018 को ढोलना क्षेत्र में कासगंज-मथुरा रेल लाइन पर सिर व हाथ के पंजे कटा एक अज्ञात शव बरामद हुआ था।
सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा: महिला सिपाही के 'इश्क में चूर' पति ने पत्नी और दो बच्चों की ली जान, बेसमेंट से मिले कंकाल
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इस शव की शिनाख्त घटना के मुख्य आरोपी राकेश के रूप में उसके पिता बनवारी सिंह व अन्य परिजनों ने कर दी और इस मामले में राकेश के ससुरालीजनों को आरोपी बनाते हुए मारहरा थाने में मामला दर्ज करा दिया। वहीं इस अज्ञात शव पर राकेश के गांव के ही राजेंद्र उर्फ कलुआ के परिजनों ने शव पर दावा किया। दो लोगों का दावा होने पर मामले का डीएनए टेस्ट कराया गया, लेकिन डीएनए रिपोर्ट न आने पर मामला लटका हुआ था। एसपी ने बताया कि जब उन्होंने इस मामले की डीएनए रिपोर्ट के लिए पैरवी की तो डीएनए रिपोर्ट मिली जिससे शव राजेंद्र उर्फ कलुआ का होने की पुष्टि हुई। तभी इस मामले में पुलिस अधिकारियों को बड़ी साजिश लगने लगी। पुलिस का शक मुख्य आरोपी राकेश पर पहुंचा।
कासगंज: 'अज्ञात शव' के डीएनए से खुला चार हत्याओं का राज, महिला सिपाही के इश्क में पति बना 'हैवान'