{"_id":"6a64596a3f349e3c85005d36","slug":"multigrain-flour-gains-popularity-as-consumers-shift-beyond-wheat-2026-07-25","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"UP: गेहूं का आटा खाना भूल जाएंगे, जब खाएंगे इन आठ तरह के हाई-फाइबर आटे की रोटियां; स्वाद के साथ मिलेगा पोषण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: गेहूं का आटा खाना भूल जाएंगे, जब खाएंगे इन आठ तरह के हाई-फाइबर आटे की रोटियां; स्वाद के साथ मिलेगा पोषण
Sat, 25 Jul 2026 01:15 PM IST
Dhirendra Singh
सलोनी पांडे, संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
सलोनी पांडे, संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Sat, 25 Jul 2026 01:15 PM IST
सार
Best High Fiber Flours: आगरा की अनाज मंडी में गेहूं के अलावा रागी, ज्वार, चना, सोयाबीन और मल्टीग्रेन आटे की मांग लगातार बढ़ रही है। व्यापारी बताते हैं कि कोविड के बाद लोगों का रुझान स्वास्थ्यवर्धक विकल्पों की ओर तेजी से बढ़ा है।
विज्ञापन
आटा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जीवनशैली के साथ लोगों के खानपान में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। अब घरों में रोटी के लिए सिर्फ गेहूं के आटे पर निर्भरता नहीं रह गई है। लोग स्वाद और पसंद के अनुसार अलग-अलग अनाज और दालों से तैयार आटा भी खरीद रहे हैं। घटिया आजम खां स्थित अनाज मंडी में ग्राहकों के लिए गेहूं के साथ अन्य प्रकार का आटा भी उपलब्ध है। इनमें रागी, ज्वार, चना, सोयाबीन, बेसन, मूंग और उड़द की दाल से तैयार आटा और मक्के का आटा शामिल है।
आटा
- फोटो : अमर उजाला
40 से 100 रुपये प्रति किलो तक है दाम
व्यापारी दिनेश चंद्र अग्रवाल ने बताया कि घटिया आजम खां की अनाज मंडी में करीब 40 से लेकर 100 रुपये प्रति किलो तक में अलग-अलग तरह का आटा आसानी से मिल जाता है। इसकी कीमत अनाज के मिश्रण के आधार पर अलग-अलग होती है। ग्राहकों के लिए जरूरत और बजट के अनुसार कई विकल्प उपलब्ध हैं।
व्यापारी दिनेश चंद्र अग्रवाल ने बताया कि घटिया आजम खां की अनाज मंडी में करीब 40 से लेकर 100 रुपये प्रति किलो तक में अलग-अलग तरह का आटा आसानी से मिल जाता है। इसकी कीमत अनाज के मिश्रण के आधार पर अलग-अलग होती है। ग्राहकों के लिए जरूरत और बजट के अनुसार कई विकल्प उपलब्ध हैं।
व्यापारी
- फोटो : अमर उजाला
कोविड के बाद बढ़ी मल्टीग्रेन आटे की मांग
व्यापारी पुनीत का कहना है कि कोविड के समय से ही सबसे अधिक मल्टीग्रेन आटे की मांग है। कई लोग स्वाद में बदलाव के लिए ज्वार, मक्का और रागी का आटा खरीदते हैं, जबकि कुछ ग्राहक चना, सोयाबीन और दालों से तैयार आटे को भी अपनी दैनिक जरूरत के अनुसार इस्तेमाल कर रहे हैं।
व्यापारी पुनीत का कहना है कि कोविड के समय से ही सबसे अधिक मल्टीग्रेन आटे की मांग है। कई लोग स्वाद में बदलाव के लिए ज्वार, मक्का और रागी का आटा खरीदते हैं, जबकि कुछ ग्राहक चना, सोयाबीन और दालों से तैयार आटे को भी अपनी दैनिक जरूरत के अनुसार इस्तेमाल कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
रागी का आटा
- फोटो : Adobe Stock
अलग-अलग आटा, सेहत के लिए विभिन्न फायदे
डाइटिशियन मिनी शर्मा बताती हैं कि संतुलित मात्रा में सेवन से मिल सकते हैं कई पोषक लाभ
1- रागी का आटा: कैल्शियम और फाइबर का अच्छा स्रोत माना जाता है।
डाइटिशियन मिनी शर्मा बताती हैं कि संतुलित मात्रा में सेवन से मिल सकते हैं कई पोषक लाभ
1- रागी का आटा: कैल्शियम और फाइबर का अच्छा स्रोत माना जाता है।
विज्ञापन
ज्वार का आटा
- फोटो : Adobe Stock
2- ज्वार का आटा: फाइबर से भरपूर होने के कारण पाचन के लिए उपयोगी हो सकता है।