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यूपी चुनाव 2022: आगरा जिले में 102 मुस्लिमों ने लड़ा चुनाव, 70 साल में केवल दो बन सके विधायक

अमित कुलश्रेष्ठ, अमर उजाला आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 18 Jan 2022 09:42 AM IST
मुस्लिम मतदाता (फाइल)
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आगरा जिले में 1952 से लेकर अब तक 70 वर्षों में हुए 17 विधानसभा चुनावों में आगरा से केवल दो मुस्लिम विधायक ही चुनाव जीत सके हैं। हालांकि विधानसभा चुनाव लड़कर लखनऊ विधानसभा पहुंचने का ख्वाब तो 102 मुस्लिम उम्मीदवारों ने संजोया था, लेकिन इनमें से 100 के सपने चकनाचूर हो गए, जबकि केवल दो ही विधायक बन सके। 20 साल पहले साल 2002 के विधानसभा चुनाव में आगरा छावनी से पहली बार जिले में बसपा से मुस्लिम विधायक चौधरी बशीर ने जगह बनाई, जिसे 2007 में जुल्फिकार अहमद भुट्टो ने बरकरार रखा गया, लेकिन उसके बाद से ही जिले से एक भी मुस्लिम नुमाइंदा नहीं चुना जा सका।

आजादी के बाद शुरुआती चुनावों में अलग जिला बनने से पहले फिरोजाबाद विधानसभा सीट आगरा का हिस्सा थी। पहले ही चुनाव में फिरोजाबाद सीट पर कांग्रेस ने हैदर बख्श को टिकट दिया, लेकिन वह जीत नहीं सके। इसके बाद 1967 के चुनाव तक कांग्रेस के प्रत्याशी मुस्लिम ही रहे, लेकिन दूसरे स्थान पर ही रह पाए, चुनाव न जीत सके। 
आगरा चुनाव
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आगरा जिले से फिरोजाबाद के अलग जिला बनने के बाद मुस्लिमों के लिए आगरा छावनी सीट मुफीद हो गई, जहां से अब तक 52 प्रत्याशी चुनाव लड़ चुके हैं। आधे से ज्यादा मुस्लिम प्रत्याशियों की पसंद रही छावनी सीट ही मुस्लिमों के लिए लखनऊ तक पहुंचने का लांच पैड बन सकी। सबसे ज्यादा कांग्रेस ने मुस्लिम प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारे हैं, जबकि दूसरे नंबर पर बसपा और सपा रही हैं। 
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सपा प्रत्याशी रिजवान उद्दीन
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इस बार केवल एक मुस्लिम प्रत्याशी
चार प्रमुख दलों भाजपा, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस ने अब तक अपने प्रत्याशियों की सूची जारी की है, उसमें केवल सपा ने एक मुस्लिम प्रत्याशी रिजवान उद्दीन को दक्षिण विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया है। समाजवादी पार्टी ने दक्षिण विधानसभा से मुस्लिम प्रत्याशी को चुना है, जबकि अन्य सीटों पर किसी दल ने मुस्लिम कार्यकर्ताओं को टिकट लायक नहीं समझा। आगरा दक्षिण पर मुस्लिम आबादी 22 फीसदी तक होने का दावा किया जा रहा है। 
मुस्लिम मतदाता (फाइल)
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हिंदुस्तान बिरादरी के अध्यक्ष और राजनीतिक विश्लेषक डॉ. सिराज कुरैशी के मुताबिक इस चुनाव में मुस्लिमों को सभी दलों ने दरकिनार कर दिया है। राजनीति में हिस्सेदारी करके ही शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार समेत समस्याएं सुलझाई जा सकती हैं। आगरा में मुस्लिम समाज को आत्ममंथन करना होगा कि ऐसे हालात क्यों पैदा हुए कि उन्हें टिकट नहीं मिल रहा। छोटी-छोटी जातियां अपने लिए टिकट मांग रही हैं, ऐसे में राजनीतिक अधिकार के लिए जागरूक होना होगा।
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पूर्व विधायक जुल्फिकार अहमद भुट्टो और चौधरी बशीर
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विधायक बन पाए ये दो
साल                  नाम                               दल            वोट
2002           चौधरी बशीर                         बसपा         32,182
2007          जुल्फिकार अहमद भुट्टो          बसपा         30,524

कांटे की लड़ाई में जो हार गए
साल    विधानसभा               प्रत्याशी                      दल          वोट          स्थान
1951    फिरोजाबाद           हैदर बख्श                कांग्रेस      11909       दूसरा
1967    फिरोजाबाद           एस अली                  कांग्रेस      13059        दूसरा
1996    आगरा छावनी    हाजी इस्लाम कुरैशी         बसपा    38,933        दूसरा
2012    आगरा छावनी    जुल्फिकार अहमद भुट्टो    बसपा    51,364        दूसरा
2017    आगरा छावनी    जुल्फिकार अहमद भुट्टो    बसपा    57657         दूसरा
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