आगरा की पुलिस लाइन में छह महीने का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद 97 रिक्रूट सिपाही बन गए । शुक्रवार को एडीजी राजीव कृष्ण ने पासिंग आउट परेड की सलामी ली। इसके बाद सिपाहियों को शपथ दिलाई। इनमें से आगरा में 73, मैनपुरी में 16 और मथुरा में आठ सिपाहियों को तैनाती मिली। सिपाही बनने के लिए आगरा में शामली, सहारनपुर, हापुड़, मेरठ और मुजफ्फर नगर के 102 रिक्रूट का प्रशिक्षण शुरू हुआ था। इनमें से दो ने नौकरी से त्यागपत्र दे दिया, जबकि तीन अनुपस्थित हो गए। इस तरह बचे हुए 97 रिक्रूट को प्रशिक्षण दिया गया । शुक्रवार को प्रशिक्षण पूरा होने पर पासिंग आउट परेड हुई। पासिंग आउट परेड में सोनू बालियान, सौरभ शर्मा और प्रवीण कुमार अपनी-अपनी टुकड़ी के कमांडर बने। इनमें सर्वश्रेष्ठ रिक्रूट मुजफ्फरनगर के निखिल सिंह रहे। एडीजी राजीव कृष्ण ने परेड की सलामी ली। परेड के बाद अधिकारियों ने रिक्रूट को प्रमाणपत्र वितरित किए।
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आगरा: 97 रिक्रूट बने सिपाही, पुलिस लाइन में मास्क लगाकर की पासिंग आउट परेड
Sat, 29 May 2021 01:09 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 29 May 2021 01:09 AM IST
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पासिंग आउट परेड: एडीजी को सलामी देते रिक्रूट
- फोटो : अमर उजाला
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पासिंग आउट परेड
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस लाइन में हुए समारोह में 97 रिक्रूट को पुलिस फोर्स में शामिल कर लिया गया। इससे पहले 30 मिनट तक पासिंग आउट परेड हुई। छह महीने के प्रशिक्षण से अनुशासन ढले रिक्रूट ने पासिंग आउट परेड में पुलिस की आन-बान-शान को चार चांद लगा दिए। युवाओं का हर कदम उनके संकल्प को बयान कर रहा था।
पासिंग आउट परेड
- फोटो : अमर उजाला
एडीजी राजीव कृष्ण ने पासिंग आउट परेड की सलामी ली। इसके बाद सिपाहियों को शपथ दिलाई। परेड के बाद अधिकारियों ने रिक्रूट को प्रमाणपत्र वितरित किए। इस दौरान एसएसपी मुनिराज जी, एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
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निखिल सिंह, सर्वश्रेष्ठ रिक्रूट
- फोटो : अमर उजाला
प्रशिक्षण के दौरान ही हो गई पिता की मौत
मेरठ के थाना रोहटा रोड स्थित गांव शाहपुर जैनपुर निवासी निखिल सिंह सर्वश्रेष्ठ रिक्रूट बने। उन्होंने बताया कि पिता सत्यवीर सिंह पुलिस विभाग में थे। पिता की उनके प्रशिक्षण के दौरान ही दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी। पिता को देखकर ही निखिल ने पुलिस में जाने का फैसला किया था। उनके मंझले भाई विशाल सिंह और बहन दिव्या भी पुलिस में हैं।
मेरठ के थाना रोहटा रोड स्थित गांव शाहपुर जैनपुर निवासी निखिल सिंह सर्वश्रेष्ठ रिक्रूट बने। उन्होंने बताया कि पिता सत्यवीर सिंह पुलिस विभाग में थे। पिता की उनके प्रशिक्षण के दौरान ही दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी। पिता को देखकर ही निखिल ने पुलिस में जाने का फैसला किया था। उनके मंझले भाई विशाल सिंह और बहन दिव्या भी पुलिस में हैं।
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नितेश सहारावत, सर्वश्रेष्ठ इंडोर रिक्रूट
- फोटो : अमर उजाला
पिता इंस्पेक्टर हैं, बेटा बना सिपाही
मेरठ के थाना कांकरखेड़ा स्थित वर्निका एस्टेट निवासी नीतेश सहारावत सर्वश्रेष्ठ इंडोर रिक्रूट बने। नीतेश ने बताया कि पिता पुलिस विभाग में इंस्पेक्टर हैं। वह झांसी में तैनात हैं। वह एक भाई और बहन है। पिता ने बचपन से ही समझाया था कि देश की सेवा करना। इसलिए वर्दी पहनना चाहते थे। तैयारी में लगे थे। अब उन्हें सफलता मिल गई। वह ड्यूटी लगन और ईमानदारी के साथ करेंगे।
मेरठ के थाना कांकरखेड़ा स्थित वर्निका एस्टेट निवासी नीतेश सहारावत सर्वश्रेष्ठ इंडोर रिक्रूट बने। नीतेश ने बताया कि पिता पुलिस विभाग में इंस्पेक्टर हैं। वह झांसी में तैनात हैं। वह एक भाई और बहन है। पिता ने बचपन से ही समझाया था कि देश की सेवा करना। इसलिए वर्दी पहनना चाहते थे। तैयारी में लगे थे। अब उन्हें सफलता मिल गई। वह ड्यूटी लगन और ईमानदारी के साथ करेंगे।