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विश्व पर्यावरण दिवस: दुर्लभ जीव-जंतुओं को भा गई चंबल की आबोहवा, देखिए तस्वीरें

Sat, 05 Jun 2021 12:34 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 05 Jun 2021 12:34 AM IST
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Rare aquatic creatures are being conserved in Chambal river
चंबल की खूबसूरत तस्वीरें - फोटो : अमर उजाला

साफ-सुथरी चंबल नदी दुनिया में लुप्तप्राय: जलीय जीवों का ठिकाना है। इसका स्वच्छ पानी घड़ियाल, मगरमच्छ, डाल्फिन, कछुओं के लिए संजीवनी का काम कर रहा है। यहां इन दुर्लभ जलीय जीवों का कुनबा तेजी से बढ़ रहा है। प्रवासी पक्षी भी यहां बढ़े हैं। सर्दी के मौसम में चंबल का रुख करने वाली इंडियन स्कीमर, रिवर टर्न, ब्लैक बेलीड टर्न जैसी विदेशी चिड़ियों ने चंबल को अपना दूसरा घर बना लिया है।चंबल क्षेत्र में 185 प्रजाति की प्रवासी और अप्रवासी चिड़ियों का बसरेा हैं। अमेरिका, आस्ट्रेलिया,  इंग्लैंड, जर्मनी, फ्रांस आदि देशों के पर्यटक यहां पक्षियों को देखने आते हैं। चंबल सफारी के डायरेक्टर आरपी सिंह ने बताया कि पक्षी विशेषज्ञ जिमअपटेन चंबल के पारिस्थितिकी तंत्र को दुनियाभर की खूबसूरत धरोहर के रूप में मानते है। बाह के रेंजर आरके सिंह राठौड ने बताया कि कंटीली झाड़ियों की वजह से लुप्तप्राय: स्थिति में पहुंचे तेंदुए, काले चितकबरे हिरन की आबादी भी चंबल में बढ़ी है। 

Rare aquatic creatures are being conserved in Chambal river
चंबल में हिरन - फोटो : अमर उजाला
एक साल में चार से 24 हो गए तेंदुए
चंबल क्षेत्र में एक साल पहले तेंदुओं की संख्या चार थी जो कि अब 24 हो गई है। काले चितकबरे हिरन की संख्या 350 से बढ़कर 500 तक पहुंच गई है।
Rare aquatic creatures are being conserved in Chambal river
चंबल नदी में घड़ियाल - फोटो : अमर उजाला
डॉल्फिन की संख्या 66 से 82 हुई
चंबल नदी में घड़ियालों की आबादी पहले 1859 थी जो कि अब 2176 हो गई है। डॉल्फिन की भी संख्या 66 से 82 तक पहुंच गई है। मगरमच्छ का कुनबा भी 710 से बढ़कर 886 हो गया है। 
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Rare aquatic creatures are being conserved in Chambal river
चंबल नदी में घड़ियाल - फोटो : अमर उजाला
दुनियाभर में घड़ियालों की प्रजाति संकट में है। घड़ियालों की 80 फीसदी आबादी चंबल में मौजूद है। हर साल इनकी संख्या बढ़ रही है। चंबल नदी में वर्ष 1979 से घड़ियालों का संरक्षण हो रहा है। 
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Rare aquatic creatures are being conserved in Chambal river
चंबल नदी में डॉल्फिन - फोटो : अमर उजाला
लुप्तप्राय जलीय जीवों में शामिल डॉल्फिन का चंबल नदी में वर्ष 2009 से संरक्षण हो रहा है। पांच अक्तूबर 2009 में डॉल्फिन को राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया गया था।
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