साफ-सुथरी चंबल नदी दुनिया में लुप्तप्राय: जलीय जीवों का ठिकाना है। इसका स्वच्छ पानी घड़ियाल, मगरमच्छ, डाल्फिन, कछुओं के लिए संजीवनी का काम कर रहा है। यहां इन दुर्लभ जलीय जीवों का कुनबा तेजी से बढ़ रहा है। प्रवासी पक्षी भी यहां बढ़े हैं। सर्दी के मौसम में चंबल का रुख करने वाली इंडियन स्कीमर, रिवर टर्न, ब्लैक बेलीड टर्न जैसी विदेशी चिड़ियों ने चंबल को अपना दूसरा घर बना लिया है।चंबल क्षेत्र में 185 प्रजाति की प्रवासी और अप्रवासी चिड़ियों का बसरेा हैं। अमेरिका, आस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, जर्मनी, फ्रांस आदि देशों के पर्यटक यहां पक्षियों को देखने आते हैं। चंबल सफारी के डायरेक्टर आरपी सिंह ने बताया कि पक्षी विशेषज्ञ जिमअपटेन चंबल के पारिस्थितिकी तंत्र को दुनियाभर की खूबसूरत धरोहर के रूप में मानते है। बाह के रेंजर आरके सिंह राठौड ने बताया कि कंटीली झाड़ियों की वजह से लुप्तप्राय: स्थिति में पहुंचे तेंदुए, काले चितकबरे हिरन की आबादी भी चंबल में बढ़ी है।
विश्व पर्यावरण दिवस: दुर्लभ जीव-जंतुओं को भा गई चंबल की आबोहवा, देखिए तस्वीरें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 05 Jun 2021 12:34 AM IST
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