{"_id":"5cde4e9abdec22075f578460","slug":"shoe-cover-for-taj-mahal-tourist-necessary-recommendation-by-archaeological-survey-of-india","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"ताजमहलः संगमरमर को धूल से बचाने की कवायद, सैलानियों पर लागू होगा ये 'नियम'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ताजमहलः संगमरमर को धूल से बचाने की कवायद, सैलानियों पर लागू होगा ये 'नियम'
Fri, 17 May 2019 11:39 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 17 May 2019 11:39 PM IST
विज्ञापन
ताजमहल पर सैलानी (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने सुप्रीम कोर्ट में पेश किए ताजमहल के साइट मैनेजमेंट प्लान में हर सैलानी के लिए शू कवर अनिवार्य किया है। ताज के संगमरमर पर धूल कणों को रोकने के लिए हर सैलानी को शू कवर पहनकर गुंबद तक पहुंचने की सिफारिश की गई है। इसके अलावा मैनेजमेंट प्लान में विद्युत शवदाह गृह और सार्वजनिक परिवहन के वाहनों को सीएनजी में बदलने पर जोर दिया गया है।
शू कवर पहने ताजमहल पर सैलानी
- फोटो : अमर उजाला
सुप्रीम कोर्ट ने आठ सप्ताह में एएसआई को ताजमहल के साइट मैनेजमेंट प्लान को सौंपने का आदेश दिया था, जिसके बाद एएसआई ने यह पेश किया है। कोर्ट ने एएसआई को ताजमहल के रखरखाव में लापरवाही पर कड़ी फटकार लगाई थी, जिसके बाद एएसआई ने ताज के प्लान में शार्ट टर्म, मिड टर्म और लांग टर्म योजनाओं को पेश किया है।
धूप से बचाव के लिए छाता का इस्तेमाल करते ताज पर आए सैलानी
- फोटो : अमर उजाला
इसमें कहा गया है कि जो पर्यटक ताजमहल पर पहुंच रहे हैं, उन सभी को गुंबद पर जाने से पहले शू कवर दिए जाएंगे ताकि जूतों के साथ आने वाली धूल ताज पर न पहुंच सके। ताजमहल पर भीड़ के प्रबंधन के लिए 50 अतिरिक्त जवानों को तैनात करने की सिफारिश की गई है, जिससे वह ताज की दीवारों पर गंदे हाथ, पसीना न लगा सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिना शू कवर के ताज के गुंबद पर घूमते पर्यटक (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
साइट मैनेजमेंट प्लान में कहा गया है कि सार्वजनिक परिवहन के सभी वाहनों को सीएनजी में बदला जाए और इलेक्ट्रिक वाहनों का संचालन प्रोत्साहित किया जाए। वाहनों से होने वाले प्रदूषण और इनसे निकलने वाले बेहद सूक्ष्म पीएम-2.5 कणों को रोकने के लिए डीजल रेल इंजनों को हटाया जाए। ताजमहल के पास संचालित ताजगंज मोक्षधाम में शवदाह की जगह विद्युत शवदाह गृह को प्रोत्साहित करने और ताजमहल के पांच किमी परिधि में सड़कों की सफाई मशीनों से और धोकर की जानी चाहिए, ताकि धूल कण न उड़ें।
विज्ञापन
ताजमहल परिसर में लगाया गया टीनशेड (फाइल फोटो)
ताजमहल के साइट मैनेजमेंट प्लान में एएसआई ने ताज को पीलेपन से बचाने के साथ पीले पड़ चुके हिस्सों की साइंटिफिक ढंग से सफाई की कार्य योजना भी पेश की है। एएसआई ने कहा है कि गुंबद के अंदर कब्रों की रेप्लिका तथा इसके चारों ओर की संगमरमरी दीवारों की मडपैक और साइंटिफिक ढंग से सफाई की जाएगी। ताज के पीछे बह रही यमुना नदी में गंदे नालों का पानी रोकने, सीवर रोकने की सिफारिश की गई है ताकि जहरीली गैसों के असर से ताज को बचाया जा सके।