आगरा में 16 अप्रैल से बंद चल रहे स्मारकों को अब फिर से खोलने की मांग जोर पकड़ रही है। पर्यटन संगठनों के साथ इससे जुड़े साढ़े तीन लाख लोगों ने संस्कृति मंत्रालय और स्थानीय प्रशासन से ताजमहल, आगरा किला, फतेहपुर सीकरी समेत संरक्षित स्मारकों को खोलने की मांग की है ताकि रोजी रोटी पर आया संकट दूर हो सके। दो माह से पर्यटन से जुड़े लोग जैसे तैसे अपने परिवार का पेट पाल रहे हैं। कोरोना संक्रमण बढ़ने के कारण संस्कृति मंत्रालय ने 15 अप्रैल को घोषणा की थी कि 16 अप्रैल से ताजमहल समेत सभी स्मारकों में पर्यटकों का प्रवेश बंद रहेगा। उसे 15 मई तक बंद किया गया, फिर यह तारीख बढ़ाकर 31 मई की गई और अब 15 जून तक ताज समेत स्मारक बंद किए गए हैं। कोरोना कर्फ्यू में एक जून से ढील के बाद पर्यटन से जुड़े लोग मांग कर रहे हैं कि स्मारक खोले जाएं
आगरा: 16 जून से ताजमहल सहित स्मारक खोलने की मांग, साढ़े तीन लाख लोग हैं रोजी-रोटी के लिए परेशान
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तर्क है कि जो लोग आगरा लखनऊ और नोएडा आगरा यमुना एक्सप्रेसवे से निकल रहे हैं, वह ताज देखने आ सकें। इससे रोज अपनी कमाई कर पेट पालने वालों का संकट दूर हो सकेगा, वहीं दो माह से उधार के रुपयों पर परिवार पाल रहे लोगों को भी कुछ तो कमाई होगी। गाइड, फोटोग्राफर, टैक्सी ड्राइवर, रेस्टोरेंट, होटल कामगार, टूर ऑपरेटरों के सामने इन दिनों बड़ा संकट है।
जब पुराने शहर के बाजार से लेकर धर्मस्थल तक खोल दिए गए हैं तो स्मारक भी खोलने चाहिए। इनसे हमारी भी रोजीरोटी जुड़ी है। ताजमहल का परिसर इतना बड़ा है कि हजारों लोग भी आ जाएं तो सामाजिक दूरी बनी रहेग। रिजवानुद्दीन, गाइड, ताजगंज
स्मारक खुले तो आए पर्यटक
ताजमहल समेत स्मारकों को खोलने की जरूरत है। अब जब कि सभी बाजार खोल दिए गए हैं तो स्मारकों को भी पर्यटकों के लिए खोल देना चाहिए। बीते साल जैसे ही स्मारक खुले, पर्यटकों ने धीमे धीमे आना तो शुरू किया। - दीपक दान, अध्यक्ष, यूपी गाइड वेलफेयर एसोसिएशन
ताजमहल खोलने का संदेश बड़ा है जो दुनिया भर में पहुंचता है। कोरोना के केस कम हो रहे हैं तो ताजमहल को खोलने के कदम से इसका संदेश पूरी दुनिया में जाता है। - शमशुद्दीन, अध्यक्ष, आगरा गाइड एसोसिएशन