आगरा में कई लोग पर्यावरण के पहरुए हैं, इनके लिए हर दिन पर्यावरण दिवस है। सूरज की पहली किरण के साथ सुबह प्रकृति के साथ उसे सहेजते हुए शुरू करते हैं। हरियाली के लिए काम कर उन्होंने मिसाल कायम की हैं। सेवानिवृत्त बैंक कर्मी चंद्रशेखर शर्मा शहर में वर्टिकल गार्डन का पर्याय बन गए हैं। मनमोहन शर्मा ने सेवला सराय के खत्ताघर को पार्क में बदल दिया है। शहर में चिकित्सकों के साइकिल क्लब ने नियम बनाया है कि दस किमी दूर तक की दूरी के लिए कार, बाइक का उपयोग नहीं किया जाएगा। साइकिल से जाएंगे। पालीवाल पार्क में ईको क्लब के लोग अपने क्षेत्र में पौधों को गोद लेते हैं। पेड़ बनने तक उनकी देखभाल करते हैं। शहर में पर्यावरण के प्रहरियों के ये छोटे प्रयास जागरूकता के स्तर पर बड़ा योगदान कर रहे हैं। अगली स्लाइड्स में जानिए पर्यावरण के इन पहरुओं के बारे में....
World Environment Day 2021: किसी ने खत्ताघर को पार्क में बदला, किसी ने बहुमंजिला इमारतों में उगाए उपवन
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वर्टिकल गार्डन में मॉडल बनाया घर
शाहगंज में रिटायर्ड बैंक कर्मी चंद्रशेखर शर्मा सूरज की पहली किरण के साथ फूलों और पौधों की देखरेख में जुट जाते हैं। 30 साल से उनका यह रोज का नियम है। जमीन सिकुड़ी तो हरियाली के लिए भी जगह कम पड़ गई। बहुमंजिला भवन बने तो उनमें दीवारों पर पौधे लगाकर उन्होंने हरा भरा करने की मुहिम शुरू की। वह वर्टिकल गार्डन को प्रोत्साहन दे रहे हैं। उन्होंने इस मामले में अपना घर मॉडल बनाया है। उनको पुरस्कार भी मिले। ऑक्सीजन देने वाले पौधों को दीवारों पर जगह देने से घर का तापमान भी चार से 6 डिग्री तक कम हुआ। बैंक से वीआरएस लेने के बाद चंद्रशेखर शर्मा हर दिन सुबह तीन से 4 घंटे वर्टिकल गार्डन बनाने के लिए खर्च करते हैं।
सेवला सराय में 18.6 एकड़ में फैले खत्ताघर को छावनी परिषद ने पार्क में बदलवाया तो हरियाली का जिम्मा मनमोहन शर्मा ने उठाया। उन्होंने यहां कचरे का निस्तारण के बाद चारों ओर पेड़ लगाए। अब ग्वालियर रोड के लोग यहां घूमने के लिए निकलते हैं। अब तक हजारों पौधे लगा चुके मनमोहन शर्मा ने क्षेत्रीय लोगों अतुल सिंह, धर्मेंद्र शर्मा, राहुल परमार, अवधेश शर्मा के साथ मिलकर हरियाली विकसित की। पौधों के हर दिन रखरखाव की जिम्मेदारी लोगों को दी गई। पौधरोपण के लिए प्रेरित करने का काम किया।
मरीजों को उपहार में देते हैं पौधा
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राजकुमार गुप्ता अस्पताल से डिस्चार्ज होने पर मरीजों को पौधे देकर विदा करते हैं। मित्रों और अपने परिचितों के यहां जाते हैं तो पौधे साथ लेकर जाते हैं। उनको पौधे उपहार में देकर पर्यावरण रक्षा के लिए सचेत करते हैं। उन्होंने बताया कि हृदय रोगियों की खराब फिटनेस को देखते हुए छह साल पहले आगरा डॉक्टर साइकिल एसोसिएशन गठित की। इसमें 26 सदस्य हैं, जिसमें 11 चिकित्सक हैं। एसोसिएशन के सदस्य पांच से दस किमी तक की दूरी के लिए साइकिल इस्तेमाल करते हैं। कार या बाइक बहुत जरूरत पर भी उपयोग की जाती है। डॉ. राजकुमार गुप्ता ने कहा कि अगर लोग साइकिल चलाने को प्राथमिकता दें तो व्यायाम के साथ ईंधन बचेगा, जिससे वायु प्रदूषण कम होगा।
20 साल में रोपे 25 हजार पौधे
पर्यावरणविद् प्रदीप खंडेलवाल करीब 20 साल से पर्यावरण संरक्षण के प्रयास में जुटे हैं। वह हरियाली से विहीन सार्वजनिक जगहों पर बरसात के दिनों में पौधे रोपते हैं। लगभग 25 हजार पौधे लगा चुके हैं। उन्होंने लोगों को जागरूक करने के लिए पालीवाल पार्क में ईको क्लब भी बनाया है। इसमें 120 सदस्य हैं। सदस्य पौधे तो लगाते हैं और उनकी देखभाल की जिम्मेदारी लेते हैं। क्लब का एक नियम और है कि सदस्यों को आसपास के पौधों के लिए अभिभावक तलाशना होता है। वह लोगों को जागरूक कर उनको पौधे गोद देते हैं। प्रदीप खंडेलवाल ने बताया कि लोगों में चेतना आई है, हम सभी सदस्य एक-दूसरे को उपहार में पौधे ही देते हैं।