{"_id":"6a1519faf3e0060cd00653ca","slug":"zip-line-tragedy-exposed-weak-hook-and-safety-lapses-behind-fatal-fall-2026-05-26","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"जिप लाइन हादसा: 45 फीट से गिरा कुनाल, माथे की हड्डी टूटी और हो गई मौत; इन छह सुरक्षा चूकों से गई जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिप लाइन हादसा: 45 फीट से गिरा कुनाल, माथे की हड्डी टूटी और हो गई मौत; इन छह सुरक्षा चूकों से गई जान
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 26 May 2026 01:31 PM IST
सार
विशेषज्ञ के अनुसार जिप लाइन हादसा कमजोर हुक, मेंटेनेंस की कमी और SOP का पालन न होने जैसी गंभीर लापरवाहियों का नतीजा हो सकता है। सुरक्षा बेल्ट, पुली सिस्टम और ट्रेनिंग में खामियों के कारण यह हादसा जानलेवा साबित हुआ।
विज्ञापन
जिप लाइन हादसा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
-
- 1
-
Link Copied
जिप लाइन का हादसा कमजोर हुक, वार्षिक मेंटेनेंस के नाम पर खानापूर्ति और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) का पालन न होने की वजह से हो सकती है। एडवेंचर के लिए कंपनी एक बार निवेश करती हैं। इसके बाद भूल जाती हैं। कर्मचारियों को भी नियमों का पालन करने के लिए प्रशिक्षित नहीं किया जाता है। इस कारण जान का खतरा बना रहता है। ये बातें एमजी जैन इंटर काॅलेज के गणित और भाैतिक विज्ञान के शिक्षक प्रशांत पाठक ने कही। उन्होंने जिप लाइन हादसे के संभावित कारण भी बताए।
ये वही हुक है जो टूट गया
- फोटो : अमर उजाला
कारण-1
जिप लाइन में उपयोग होने वाला लॉकिंग हुक यदि सही प्रकार से लॉक न हो, उसकी धातु कमजोर हो जाए या लोड क्षमता से अधिक दबाव आए तो वह खुल या टूट सकता है। कंपनी अधिक टिकट बेचने के चक्कर में क्षमता से अधिक वजन के व्यक्ति को उस पर बैठा देती है जबकि हर वजन वाले व्यक्ति के लिए अलग-अलग हुक होना चाहिए। इसी के साथ यह विशेष धातु का होता है जिससे यह आसानी से टेढ़ा न हो।
जिप लाइन में उपयोग होने वाला लॉकिंग हुक यदि सही प्रकार से लॉक न हो, उसकी धातु कमजोर हो जाए या लोड क्षमता से अधिक दबाव आए तो वह खुल या टूट सकता है। कंपनी अधिक टिकट बेचने के चक्कर में क्षमता से अधिक वजन के व्यक्ति को उस पर बैठा देती है जबकि हर वजन वाले व्यक्ति के लिए अलग-अलग हुक होना चाहिए। इसी के साथ यह विशेष धातु का होता है जिससे यह आसानी से टेढ़ा न हो।
Trending Videos
हेलमेट
- फोटो : अमर उजाला
कारण-2
यदि सुरक्षा बेल्ट को मुख्य ट्राॅली, पुली सिस्टम से सही तरीके से जोड़ा नहीं गया हो तो जो सवार है वो सुरक्षा तंत्र से अलग हो सकता है। दुर्घटना की आशंका पैदा हो जाती है। सुरक्षा बेल्ट का उपयोग आपात स्थिति के लिए होता है। यह जिप लाइन के साथ लगाई जाती है। अगर हुक टूट भी जाए तो बेल्ट के साथ सवार व्यक्ति लटक सकता है। इससे जान बच जाती है।
यदि सुरक्षा बेल्ट को मुख्य ट्राॅली, पुली सिस्टम से सही तरीके से जोड़ा नहीं गया हो तो जो सवार है वो सुरक्षा तंत्र से अलग हो सकता है। दुर्घटना की आशंका पैदा हो जाती है। सुरक्षा बेल्ट का उपयोग आपात स्थिति के लिए होता है। यह जिप लाइन के साथ लगाई जाती है। अगर हुक टूट भी जाए तो बेल्ट के साथ सवार व्यक्ति लटक सकता है। इससे जान बच जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सुरक्षा मानकों का लगा बोर्ड
- फोटो : अमर उजाला
कारण-3
इसके अलावा जिप लाइन ट्राॅली के बैरिंग जाम होने, पुली में चटक आ जाने से या व्हील का एलाइनमेंट प्रॉपर न होने से एकदम झटका लगने पर लॉकिंग मैकेनिज्म (प्रणाली) फेल हो जाता है। इससे बैलेंस बिगड़ जाता है। इसमें सवार व्यक्ति तेज झटका लगने पर गिर सकता है।
इसके अलावा जिप लाइन ट्राॅली के बैरिंग जाम होने, पुली में चटक आ जाने से या व्हील का एलाइनमेंट प्रॉपर न होने से एकदम झटका लगने पर लॉकिंग मैकेनिज्म (प्रणाली) फेल हो जाता है। इससे बैलेंस बिगड़ जाता है। इसमें सवार व्यक्ति तेज झटका लगने पर गिर सकता है।
विज्ञापन
चौपाटी
- फोटो : अमर उजाला
कारण-4
जिप लाइन प्रणाली केवल स्थिर भार ही नहीं, बल्कि गतिशील बल भी सहन करती है। राइड के दौरान अचानक गति बढ़ने या ब्रेक लगने की स्थिति में व्यक्ति के शरीर के वास्तविक वजन से लगभग 2 से 3 गुना अधिक बल उत्पन्न हो सकता है। ऐसे में यदि जिप लाइन में प्रयुक्त उपकरणों जैसे हुक, हार्नेस, पुली या केबल की भार वहन क्षमता, इस अतिरिक्त बल के अनुरूप न हो तो भी उपकरण के विफल होने या टूटने की संभावना बढ़ जाती है।
जिप लाइन प्रणाली केवल स्थिर भार ही नहीं, बल्कि गतिशील बल भी सहन करती है। राइड के दौरान अचानक गति बढ़ने या ब्रेक लगने की स्थिति में व्यक्ति के शरीर के वास्तविक वजन से लगभग 2 से 3 गुना अधिक बल उत्पन्न हो सकता है। ऐसे में यदि जिप लाइन में प्रयुक्त उपकरणों जैसे हुक, हार्नेस, पुली या केबल की भार वहन क्षमता, इस अतिरिक्त बल के अनुरूप न हो तो भी उपकरण के विफल होने या टूटने की संभावना बढ़ जाती है।