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हाथरस: अब गांव में नहीं रहना चाहते हैं बिटिया के परिजन, वहां के माहौल में सताती है बेटी की याद
Mon, 21 Dec 2020 02:08 PM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: प्राची प्रियम
Updated Mon, 21 Dec 2020 02:08 PM IST
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बिटिया के घर के बाहर तैनात सीआरपीएफ
- फोटो : अमर उजाला
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हाथरस की बिटिया के परिजनों का कहना है कि वह अपने केस की सुनवाई दिल्ली में कराना चाहते हैं, ताकि वह गांव छोड़कर दिल्ली चले जाएं। बिटिया के पिता का कहना है कि सीबीआई की कार्रवाई से अब न्याय की आस बढ़ गई है। अब हमारी बिटिया के साथ हुई घटना में हमें इंसाफ मिल सकता है।
बिटिया के घर सीआरपीएफ के जवान
- फोटो : अमर उजाला
परिजनों का कहना है कि अब गांव में रहने का बिल्कुल मन नहीं है। हम अपने केस को दिल्ली ट्रांसफर कराना चाहते हैं। यहां का समाज भी अलग हो गया है। यहां का माहौल पहले जैसा नहीं रहा है, इसलिए दिल्ली जाना चाहते हैं।
गांव में सीआरपीएफ की टीम
- फोटो : अमर उजाला
इस प्रकरण में बिटिया के परिजन लंबे समय से केस को दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने यह बात कई बार मीडिया व अन्य अधिकारियों के सामने उठाई है।
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आरोपियों के घर सीबीआई की टीम
- फोटो : अमर उजाला
बिटिया के परिजनों का कहना है कि उनका एक बेटा दिल्ली में ही नौकरी करता है, इसलिए वह चाहते हैं कि वे दिल्ली ही चले जाएं। परिजनों का कहना है कि उनका इस माहौल में बिल्कुल मन नहीं लगता।
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विलाप करते पीड़िता के परिवार एवं रिश्तेदार
- फोटो : PTI
उन्हें हर पल अपनी बिटिया की याद सताती रहती है। परिजनों का कहना है कि वह दिल्ली में रहकर ही अपनी जिंदगी की शुरुआत फिर से करने की कोशिश करेंगे।