इंडोनेशियाई नागरिकों को शाहगंज स्थित मुसाफिरखाने में ठहराने संबंधी आरोपों में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मो. शाहिद की भी जांच शुरू हो गई है। शाहगंज पुलिस उनके मोबाइल की कॉल डिटेल रिपोर्ट खंगालने की तैयारी में है। जिसके लिए कंपनी को रिपोर्ट भेजकर सीडीआर मंगवाई गई है।
पुलिस खंगालेगी इलाहाबाद विवि के प्रोफेसर की सीडीआर, भेजी गई रिपोर्ट
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साथ ही विवि में हुई परीक्षाओं में बतौर कक्ष निरीक्षक ड्यूटी भी की। पुलिस का यह भी कहना है कि जांच पड़ताल में यह भी बात सामने आई कि प्रोफेसर ने ही शाहगंज स्थित मुसाफिरखाने में छिपकर रहते मिले सात इंडोनेशियाई नगारिकों को वहां ठहराया था।
दिल्ली में मौजूद जमात के लोगों के माध्यम से ही उनका संपर्क इंडोनेशियाई नागरिकों से हुआ था। पुलिस अफसरों का कहना है कि इंडोनेशियाई नागरिकों पर शाहगंज थाने में दर्ज मुकदमे की विवेचना के दौरान प्रोफेसर का भी नाम प्रकाश में लाया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि गया जाते वक्त ट्रेन में मौजूद इंडोनेशियाई नागरिकों का प्रोफेसर से संपर्क फोन के माध्यम से हुआ था। दरअसल गया में जला निरस्त होने के बाद इंडोनेशियाई नागरिकों ने मिर्जापुर में भी किसी से बात की लेकिन उसने भी उन्हें वहां आने से इंकार कर दिया।