यूपी: राखी बांधने पहुंची बहन के शरीर पर भाई ने देखे कुछ ऐसे निशान, आगबबूला होकर बहनोई को काट डाला, देखें तस्वीरें

क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 25 Aug 2021 12:54 AM IST
कानपुर: भानु बाजपेई की हत्या का मामला
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कानपुर के बिधून गंगापुर कॉलोनी में रक्षा बंधन पर भाई को राखी बांधने पहुंची बहन के शरीर पर पिटाई के निशान देख बौखलाए छोटे भाई ने अपने जीजा की गैंती से काट कर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद मौके पर ही बैठ गया। पुलिस ने हत्यारोपी को हिरासत में लेकर आला-ए-कत्ल बरामद किया है।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम केलिए भेजा है। इलाके में रहने वाले बीएसएनएल से रिटायर्ड रामबाबू मिश्रा ने अपनी बेटी संध्या की शादी करीब 14 साल पहले पास में ही रहने वाले लोडर चालक भानु बाजपेई (43) से की थी। उनके दो बच्चे अनिकेत (12) व महक (8) हैं।

रामबाबू के अनुसार भानु नशे का आदी था। नशेबाजी का विरोध करने पर शादी के बाद से ही संध्या और भानु का विवाद होने लगा था। मामला कोर्ट तक पहुंच गया था। इस दौरान संध्या करीब ढाई साल तक पति से अलग होकर अपने मायके में ही रही थी।
मौके पर मौजूद पुलिस
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बाद में भानु समझौता कर संध्या को साथ में रखने लगा था, लेकिन नशेबाजी की आदत न छूटने के कारण उनके बीच फिर से  विवाद होने लगा। रविवार सुबह रक्षा बंधन पर भानु संध्या को करीब एक किमी दूर स्थित उसके मायके छोड़ कर अपने काम पर निकल गया।

इस बीच मायके में संध्या के छोटे भाई बीए फर्स्ट ईयर के छात्र अनुज मिश्रा (20) ने उसके शरीर पर पिटाई के निशान देखे तो बौखला गया। उसने पहले घर से बाहर जाकर शराब पी। शाम को घर लौटा तो संध्या को लेने पहुंचे भानु से उसकी मुलाकात हो गई।
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मौके पर मौजूद पुलिस
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दोनों के बीच संध्या की पिटाई को लेकर विवाद हुआ। इस बीच अनुज ने पास में रखी गैंती से भानु पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे वह लहूलुहान होकर फर्श पर गिर गया। चीख पुकार सुन कर संध्या व उसके पिता मदद को पहुंचे, लेकिन तब तक  देर हो चुकी थी।
घटना की जानकारी देते परिजन
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तब तक मारा जब तक नहीं निकले प्राण
जीजा की हत्या करने के बाद अनुज बिना किसी अफसोस के उसी कमरे में जमीन पर बैठ गया। संध्या की जब भानु से शादी हुई थी उस वक्त अनुज की उम्र करीब सात वर्ष थी। बचपन से बहन को प्रताड़ित होता देख अनुज के मन में भानु के प्रति कहीं न कहीं जहर भरता गया। रविवार को बहन के शरीर पर चोटों के निशान देख कर वह अपना आपा खो बैठा।
भानु पर गैंती से तब तक हमला किया, जब तब उसके प्राण नहीं निकल गए। ताबड़तोड़ हुए वार से कमरे की छत, दीवारें और आसपास रखा फर्नीचर तक  खून से सन गया। रामबाबू के अनुसार घटना के वक्त उनके तीन अन्य बेटे राहुल, राघव व विभु अपने काम से घर के बाहर थे। अगर वे घर में होते तो इतना बड़ा आघात होने से बच जाता।
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घटना की जानकारी देते परिजन
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शव देख संध्या हुई बेहोश
संध्या भाग कर कमरे में पहुंची तो भानु का रक्तरंजिश शव देख कर बेसुध हो गई। वह अपने भाई से रोते हुए पूछती रही कि तूने यह क्या कर दिया...। आज के दिन भाई बहनों और उनके सुहाग की रक्षा का वचन देते हैं और तूने मेरा ही सुहाग छीन लिया...। हृदयविदारक वारदात की सूचना से घटना स्थल के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
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