{"_id":"673418a23d259dc9710c4f41","slug":"etawah-mass-murder-news-rekha-screamed-after-seeing-foam-coming-out-of-children-mouths-strangle-me-first-2024-11-13","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"इटावा सामूहिक हत्याकांड: बच्चों के मुंह से झाग निकलते देख चीखी रेखा... पहले मेरा गला कस दो; कारोबारी का खुलासा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इटावा सामूहिक हत्याकांड: बच्चों के मुंह से झाग निकलते देख चीखी रेखा... पहले मेरा गला कस दो; कारोबारी का खुलासा
अमर उजाला नेटवर्क, इटावा
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 13 Nov 2024 09:09 AM IST
सार
इटावा सामूहिक हत्याकांड को अंजाम देने वाले कारोबारी मुकेश ने एक और खुलासा किया है। उसने कहा कि जब बच्चों के मुंह से झाग निकलते देखा को पत्नी रेखा चीख पड़ी। उसने कहा कि पहले मेरा गला कस दो।
विज्ञापन
Etawah Mass Murder
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में हुए सामूहिक हत्याकांड से हर कोई सन्न है। पुलिस पूछताछ में परिवार का मुखिया और सराफा कारोबारी मुकेश वर्मा (51) कई खुलासे कर रहा है। उसने पुलिस को बताया कि वो करवाचौथ वाले दिन ही जान देना चाहता था, लेकिन उसे उसकी पत्नी रेखा ने रोक लिया था।
Trending Videos
मुकेश वर्मा और रेखा की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
'आपके साथ ही पूरा परिवार दुनिया छोड़ेगा'
इस पर उसने उस दिन जान देने का फैसला टाल दिया था। इसके बाद रविवार को उसने फिर पत्नी से मरने की बात कही। इस पर रेखा ने फिर वही दोहराया कि उसे और बच्चों को भी अपने साथ मार दो। आपके साथ ही पूरा परिवार दुनिया छोड़ेगा। सोमवार तड़के सबसे पहले पति पत्नी ही उठे थे। मुकेश ने बताया कि पत्नी रेखा ने बच्चों के सोने के दौरान खुद फंदे लगाकर जान देने का प्रयास किया, लेकिन उसमें वह सफल नहीं हो सकी। इसके बाद सभी ने नींद की गोली खाने का निर्णय लिया।
इस पर उसने उस दिन जान देने का फैसला टाल दिया था। इसके बाद रविवार को उसने फिर पत्नी से मरने की बात कही। इस पर रेखा ने फिर वही दोहराया कि उसे और बच्चों को भी अपने साथ मार दो। आपके साथ ही पूरा परिवार दुनिया छोड़ेगा। सोमवार तड़के सबसे पहले पति पत्नी ही उठे थे। मुकेश ने बताया कि पत्नी रेखा ने बच्चों के सोने के दौरान खुद फंदे लगाकर जान देने का प्रयास किया, लेकिन उसमें वह सफल नहीं हो सकी। इसके बाद सभी ने नींद की गोली खाने का निर्णय लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
मृतक रेखा, भाव्या और अभीष्ट का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
रेखा ने की थी फंदा लगाकर जान देने की कोशिश
नींद की गोलियां खाने के बाद भी दोबारा रेखा ने फंदा लगाकर जान देने की कोशिश की थी, लेकिन उसके प्राण नहीं निकल सके। उसकी आंखों के सामने बच्चों के मुंह से झाग निकल रहा था। उससे यह देखा नहीं जा रहा था, उसने चीखते हुए कहा कि सबसे पहले मेरा ही गला रस्सी से कस दो। फिर मुकेश ने वही किया भी, पहले पत्नी रेखा और फिर बच्चों का रस्सी से गला कस दिया।
नींद की गोलियां खाने के बाद भी दोबारा रेखा ने फंदा लगाकर जान देने की कोशिश की थी, लेकिन उसके प्राण नहीं निकल सके। उसकी आंखों के सामने बच्चों के मुंह से झाग निकल रहा था। उससे यह देखा नहीं जा रहा था, उसने चीखते हुए कहा कि सबसे पहले मेरा ही गला रस्सी से कस दो। फिर मुकेश ने वही किया भी, पहले पत्नी रेखा और फिर बच्चों का रस्सी से गला कस दिया।
मौके पर जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
मैंने भी खायी थीं नींद की गोलियां, लेकिन नहीं हुआ कुछ
पुलिस पूछताछ में आरोपी मुकेश ने यह भी बताया कि सुबह के समय जब सबको गोलियां दीं तो अंत में उसने भी नींद की गोलियां खाई थी, लेकिन उसे कुछ नहीं हुआ। कुछ देर तक थोड़ी थकान लगी थी, पर झाग आदि जैसी स्थिति नहीं बनी। फिर बच्चों को और पत्नी को परेशान देखकर उन्हें मजबूरी में मारना पड़ा।
पुलिस पूछताछ में आरोपी मुकेश ने यह भी बताया कि सुबह के समय जब सबको गोलियां दीं तो अंत में उसने भी नींद की गोलियां खाई थी, लेकिन उसे कुछ नहीं हुआ। कुछ देर तक थोड़ी थकान लगी थी, पर झाग आदि जैसी स्थिति नहीं बनी। फिर बच्चों को और पत्नी को परेशान देखकर उन्हें मजबूरी में मारना पड़ा।
विज्ञापन
मौके पर जमा लोग
- फोटो : अमर उजाला
चाचा के मरने के प्रयास पर जीआरपी थाने पहुंचा था भतीजा
सोमवार रात करीब नौ बजे जब रेलवे ट्रैक से मुकेश को पकड़ा गया तो सूचना पर मुकेश का भतीजा आशीष जीआरपी थाने पहुंचा था। तब तक उसे घर पर अन्य लोगों की मौत की जानकारी नहीं थी। जीआरपी को मुकेश के पास मिले मोबाइल को भी आशीष को दे दिया था। इस बीच एसपी सिटी अभयनाथ त्रिपाठी भी जीआरपी थाने पहुंच गए थे। उन्होंने मुकेश को हिरासत में ले लिया था।
सोमवार रात करीब नौ बजे जब रेलवे ट्रैक से मुकेश को पकड़ा गया तो सूचना पर मुकेश का भतीजा आशीष जीआरपी थाने पहुंचा था। तब तक उसे घर पर अन्य लोगों की मौत की जानकारी नहीं थी। जीआरपी को मुकेश के पास मिले मोबाइल को भी आशीष को दे दिया था। इस बीच एसपी सिटी अभयनाथ त्रिपाठी भी जीआरपी थाने पहुंच गए थे। उन्होंने मुकेश को हिरासत में ले लिया था।