Mulayam Singh Yadav Died: राष्ट्रीय फलक पर चमका सैफई, मुलायम ने जिले को दी नई पहचान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजनीति के अखाड़े के माहिर खिलाड़ी समाजवादी नेता मुलायम सिंह यादव ने अपने राजनीतिक जीवन में विरोधियों को हमेशा शिकस्त दी। उनके धोबी पाट दांव से राजनीतिक विरोधी हमेशा परेशान रहे। मुलायम सिंह यादव के साथ बचपन बिताने वाले सुभाष यादव बताते हैं कि नेताजी को सांपों से बहुत डर लगता था। सूबे के मैनपुरी जनपद के करहल कस्बे के रहने वाले सुभाष यादव मुलायम सिंह यादव के राजनीतिक गुरु कहे जाने वाले चौधरी नत्थू सिंह के बेटे हैं। उन्हें मुलायम सिंह यादव ने 1998 में एमएलसी भी बनवाया था, फिर बाद में मंत्री भी बनाया। मुलायम सिंह के साथ बचपन में गुजारे अपने संस्मरणों में वे बताते हैं कि जब कभी हम लोग नेता जी के साथ किसी शादी समारोह में जाते थे, तो हम लोग उन्हें रबर के सांप से डरा कर काफी हंसी मजाक किया करते थे। मुलायम सिंह सफेद धोती-कुर्ता व सिर पर लाल टोपी पहनकर उनके साथ बाइक पर बैठ गांव-गांव चुनाव प्रचार के लिए जाते थे। जबकि चौ. नत्थू सिंह अपनी जीप में बैठकर गांव-गांव शिष्य मुलायम के चुनाव के लिए मेहनत करते थे।
छुआछूत व जातिगत व्यवस्था की खिलाफत की
मुलायम सिंह यादव के बालसखा व वर्तमान में सैफई गांव के प्रधान रामफल वाल्मीकि बताते हैं कि वर्ष 1967 के चुनाव में उनकी उम्र कोई 22 वर्ष थी। उन्होंने भी इस चुनाव में अपने सखा मुलायम को जिताने के लिए काफी मेहनत की थी। उस समय से ही वह छुआछूत, जातीय व्यवस्था की खिलाफत करते नजर आए। मुलायम जब भी गांव आते थे, तो हमारे समाज के लोगों से गले मिलते थे और हम लोगों को अखाड़े में पहलवानी भी सिखाते थे।