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Vikas Dubey News: एक और बड़ी वारदात को तैयार था विकास, असलहों की खरीदारी करना चाहता था, गुर्गों ने की थी डील
Sat, 11 Jul 2020 07:06 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 11 Jul 2020 07:06 PM IST
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kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला।
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दहशतगर्द विकास दुबे के गुर्गों के फरीदाबाद में पकड़े जाने के मामले में एक अहम खुलासा हुआ। फरीदाबाद पुलिस ने असलहा तस्कर बनकर बदमाशों से सौदा किया था। तय समय पर डील करने पहुंची और दबिश दी। पुलिस के इस जाल में फंसकर विकास का गुर्गा प्रभात मिश्र व पनाह देने वाले पिता-पुत्र दबोच लिए गए थे।
Kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
मगर विकास पहले ही चला गया था। विकास कोई और बड़ी वारदात करने की फिराक में था। पुलिस के मुताबिक वारदात के बाद दिल्ली और हरियाणा में भी अलर्ट जारी किया गया था। फरीदाबाद पुलिस ने मिले इनपुट पर काम करना शुरू किया।
kanpur encounter
- फोटो : amar ujala
तभी उसकी बातचीत विकास के गुर्गे प्रभात मिश्र से हुई। फरीदाबाद पुलिस ने असलहा तस्कर बनकर उससे बातचीत की थी। प्रभात ने सेमी ऑटोमैटिक असलहों की मांग की थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक विकास ने तय किया था कि जब पुलिस उसको पकड़ने का प्रयास करेगी तो वो फिर हमला करेगा।
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- फोटो : amar ujala
इसलिए वो असलहों की खरीदारी कर रहा था। प्रभात ने डील तय की। इस बीच विकास वहां से निकल गया। इसके बाद मंगलवार को पुलिस ने फरीदाबाद में दबिश दे प्रभात, अंकुर और श्रवण को गिरफ्तार किया। फरीदाबाद पुलिस को अंदाजा नहीं था कि विकास फरार हो जाएगा।
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- फोटो : amar ujala
शक होने पर भाग निकला था
विकास और अमर दुबे दोनों फरीदाबाद में थे। दोनों को शक हुआ कि शायद पुलिस उस तक पहुंच जाए। इसलिए उसने तुरंत वहां से निकले की योजना बनाई। वो सोमवार को भी ही फरीदाबाद से उज्जैन चला गया था। अगर वो वहां से न निकला होता तो उसकी दिन वो फरीदाबाद पुलिस के हत्थे चढ़ जाता।
इसलिए ट्रेस करने में हुई दिक्कत
पुलिस के मुताबिक विकास मोबाइल का इस्तेमाल नहीं कर रहा था। जब भी उसे अपने करीबी या गुर्गे से बात करनी होती थी तो वो राह चलते लोगों से एक कॉल करने की बात कह मोबाइल ले लेकर बात कर लेता था। फरारी के दौरान उसने कुछ इसी तरह से शातिर अंदाज में पुलिस से बचता रहा। यही कारण रहा कि पुलिस उसको ट्रेस नहीं कर पाई।
विकास और अमर दुबे दोनों फरीदाबाद में थे। दोनों को शक हुआ कि शायद पुलिस उस तक पहुंच जाए। इसलिए उसने तुरंत वहां से निकले की योजना बनाई। वो सोमवार को भी ही फरीदाबाद से उज्जैन चला गया था। अगर वो वहां से न निकला होता तो उसकी दिन वो फरीदाबाद पुलिस के हत्थे चढ़ जाता।
इसलिए ट्रेस करने में हुई दिक्कत
पुलिस के मुताबिक विकास मोबाइल का इस्तेमाल नहीं कर रहा था। जब भी उसे अपने करीबी या गुर्गे से बात करनी होती थी तो वो राह चलते लोगों से एक कॉल करने की बात कह मोबाइल ले लेकर बात कर लेता था। फरारी के दौरान उसने कुछ इसी तरह से शातिर अंदाज में पुलिस से बचता रहा। यही कारण रहा कि पुलिस उसको ट्रेस नहीं कर पाई।