कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर हुए भीषण सड़क हादसे की वजह चालक की झपकी थी। जिसकी वजह से 10 लोगों की मौत हो गई। घायलों में शामिल शिमला देवी के अनुसार कोरवल गांव से सभी बृहस्पतिवार रात 11 बजे निकले थे। सुबह प्रयागराज पहुंचे। बच्चे के मुंडन के बाद खाना-पीना हुआ और घर के लिए निकल पड़े। पुलिस के अनुसार भी झपकी ही दुर्घटना का कारण है।
Kaushambi Accident : चालक की झपकी से हमेशा के लिए सो गए 10 लोग, बच्चे का मुंडन कराने गए थे प्रयागराज संगम
Kaushambi Accident News : कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर हुए भीषण सड़क हादसे की वजह चालक की झपकी थी। जिसकी वजह से 10 लोगों की मौत हो गई। घायलों में शामिल शिमला देवी के अनुसार कोरवल गांव से सभी बृहस्पतिवार रात 11 बजे निकले थे।
हादसे की वजह से करीब 15 मिनट तक कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर आवागमन प्रभावित रहा। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात सामान्य कराया। शाम करीब पांच बजे पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली।
डोरमा गांव के पेट्रोलपंप के पास चलते ट्रक में पीछे से टक्कर होने से पिकअप सवार आठ लोगों की मौत हुई है। 17 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। पिकअप सवार 30 लोगों में सभी को चोटें आई हैं। हादसा चालक को झपकी आने से बताया जा रहा है। चालक को होश आने पर उससे बातचीत की जा सकेगी। पुलिस लगातार घायलों को राहत पहुंचाने का काम कर रही है। - भैया संतोष कुमार सिंह, सीओ सिराथू
बिखरे खिलौने, कपड़े और चप्पल... सड़क पर फैला गंगाजल
डोरमा पेट्रोल पंप के पास नेशनल हाईवे पर हुए हादसे के बाद सड़क पर बच्चों के खिलौने, कपड़े और चप्पलें बिखरी मिलीं। वहीं, प्रयागराज के त्रिवेणी संगम से श्रद्धालु जो गंगाजल भरकर घर ले जा रहे थे वह सड़क पर फैला दिखा। वहीं, हल्की चोट लगने वाले लोग परिजनों को फोन कर हादसे की जानकारी देते रहे।
प्रत्यक्षदर्शी डोरमा निवासी राहुल के अनुसार, पिकअप में सवार लोगों ने मेले से बच्चों के लिए खिलौने और घर-गृहस्थी के सामान भी खरीदे थे। कुछ लोगों ने बोतलों में गंगाजल भी भरा था। डंपर में पीछे से टकराने की वजह से पिकअप सवार कई लोग उछलकर सड़क पर गिर गए। बच्चों के खिलौने भी सड़क पर ही बिखर गए। बोतलें फट गईं और गंगाजल सड़क पर फैल गया। कई जगहों पर बच्चों के खेलने वाली गुड़िया और चप्पलें दिखाई दे रही थीं।
कौशाम्बी सड़क हादसे में घायल सात लोगों का एसआरएन में चल इलाज
कानपुर-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर सैनी क्षेत्र के दोरमा गांव स्थित पेट्रोल पंप के पास चलते डंपर में पिकअप के भिड़ने से घायल सात लोगों को गंभीर हालत में प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां सभी का इलाज चल रहा है। वहीं, फतेहपुर के जाफरगंज थाना क्षेत्र के कोरवल निवासी मैकी (60) और संधि देवी (50) के शव मोर्चरी में रखवा दिए गए हैं। शनिवार को शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पिकअप सवार सभी लोग प्रयागराज से फतेहपुर अपने घर लौट रहे थे। घटना में गंभीर घायल सुखई देवी, राजन, लीलावती, राम नारायण, श्री कृष्णा, वर्षा समेत एक अन्य को एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया गया। सभी का ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है। एसआरएन चौकी प्रभारी आनंद यादव ने बताया कि सभी घायलों का इलाज चल रहा है।
डोरमा हादसा: जिसके बेटे का मुंडन था वही चला रहा था पिकअप गाड़ी
कानपुर-प्रयागराज नेशनल हाईवे के डोरमा गांव के पास हुए हादसे में फतेहपुर के जाफरगंज थाना क्षेत्र के कोरवल गांव निवासी राजन ही अपने पिकअप गाड़ी से तीन वर्षीय बेटे शुभम का मुंडन कराने प्रयागराज गया था। एसपी राजेश कुमार ने बताया कि राजन अपने पिकअप वाहन से करीब 30 लोगों को लेकर बृहस्पतिवार देर रात घर से निकल गए थे। सभी ने प्रयागराज में संगम स्नान किया और मुंडन संस्कार के बाद लेटे हनुमान जी का दर्शन-पूजन किया।
दोपहर प्रयागराज से फतेहपुर घर के लिए निकले थे। डोरमा गांव के पेट्रोल पंप के पास पहुंचते ही गाड़ी अनियंत्रित होकर आगे चल रहे डंपर के पिछले हिस्से से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मौके पर ही आठ लोगों की मौत हो गई। जबकि दो लोगों की एसआरएन ले जाते समय मौत हो गई। आशंका जताई जा रही है कि राजन बेटे के मुंडन की तैयारी को बृहस्पतिवार को देर रात तक जागा और थका हुआ था। यही वजह है कि लौटते समय रास्ते में झपकी लगने की वजह से गाड़ी पर नियंत्रण खो गया और हादसा हो गया।