बागपत जिले में छपरौली थाना क्षेत्र के एक गांव में मां और दो बेटियों की मौत से पुलिस विभाग में हड़कंप मचा है। पीड़ित परिवार के मुखिया का कहना है कि पुलिस घर का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसी और महिलाओं के साथ अभद्रत की थी। इससे आहत होकर उसकी पत्नी व दो बेटियों ने जहरीला पदार्थ निगल लिया लिया। जिससे दो दिन पहले एक बेटी की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। अब दूसरी बेटी और पत्नी ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है।
पिता का दर्द: रोते हुए कहा- दरवाजा तोड़कर घर में घुसी थी पुलिस, महिलाओं से की थी अभद्रता, मां-बेटियों की मौत से मचा हड़कंप
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मां-बेटियों की मौत से ग्रामीणों में भारी आक्रोश
पुलिस के रवैये पर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने गुरुवार को मां-बेटी के शवों को रोड पर रखकर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार के लिए 50 लाख रुपये के मुआवजे की मांग की है। मौके पर पहुंचे एएसपी, एसडीएम और सीओ ने परिजनों को काफी समझाने की कोशिश की लेकिन, परिजन अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। अभी भी परिजनों व ग्रामीणों का हंगामा जारी है।
ये था मामला
छपरौली थाना पुलिस मंगलवार की रात बाछौड़ गांव में लड़की भगाने के आरोपी के घर पर दबिश देने पहुंची थी। पुलिस को देख आरोपी युवक की मां और दो बहनों ने विषाक्त पदार्थ खा लिया था। जिससे पुलिस कर्मियों में हड़कंप मच गया था। पुलिस कर्मियों ने इसकी सूचना आला अफसरों को देकर तीनों को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर देखते हुए तीनों को मेरठ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां एक युवती ने उसी दिन दम तोड़ दिया था।
एक युवती को लेकर चला गया था युवक
बाछौड़ गांव का एक युवक करीब 20 दिन पहले क्षेत्र की एक युवती को लेकर चला गया था। इसकी शिकायत युवती के परिजनों ने छपरौली थाने पर की थी। पुलिस ने पूछताछ के लिए युवक के पिता को हिरासत में लिया था, लेकिन हालत को देखते हुए उसे छोड़ दिया था। वहीं मंगलवार की देर रात थाना पुलिस ने आरोपी के गांव में होने की सूचना पर दबिश दी। मकान का मुख्य दरवाजा बंद था।

कमेंट
कमेंट X