उत्तर प्रदेश के मेरठ में अधिवक्ता ओमकार तोमर की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज जुटा ली है। ईशापुरम स्थित अधिवक्ता के घर पहुंची पुलिस ने परिजनों व स्थानीय लोगों की मौजूदगी में सीसीटीवी फुटेज देखी। फुटेज से ओमकार के कई आरोप पुष्ट होते दिख रहे हैं। पुलिस ने फुटेज कब्जे में ले ली है।
वकील की मौत का मामला, सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई खौफनाक वारदात, वीडियो देख रो पड़ा बेटा, तस्वीरें
फुटेज में सुसाइड की पूरी वारदात कैद है। फुटेज से पता चलता है कि शनिवार सुबह 10:14 बजे अधिवक्ता ने फांसी लगानी शुरू की और सिर्फ दो मिनट में सुसाइड कर लिया। खौफनाक मंजर को देखकर बेटे की आंखों में आंसू आ गए।
विधायक और नामजद 13 अन्य आरोपियों के खिलाफ पीड़ित परिवार हर दिन कोई न कोई सबूत पुलिस को दे रहे हैं। अधिवक्ता के बेटे लव सिंह ने पुलिस को सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग के मिलान कराने के लिए दस्तावेज दिए थे। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी मांगी थी। मंगलवार को पीड़ित परिवार ने इसे भी उपलब्ध करा दिया है। सीओ सदर देहात पूनम सिरोही ने बताया कि फुटेज के आधार पर दबिश डाली जा रही है।
फांसी लगाने के दो मिनट में ही हो गई मौत
कुछ दिन पूर्व मृतक के बेटे लव की पत्नी स्वाति ने ससुर की हत्या का शक जताया था। इसके मद्देनजर पुलिस ने 13 फरवरी की सुबह की फुटेज भी देखी। फुटेज में 10 बजे के करीब अधिवक्ता स्वयं ग्रिल में रस्सी बांधते दिख रहे हैं। इसके बाद उन्होंने नीचे खड़ी स्कूटी को अलग किया। 10:14 बजे वह फंदे पर लटक गए। 11 बजे के पड़ोसी कालू उनके घर पहुंचा, जहां उसे अधिवक्ता का शव लटका हुआ मिला। फांसी लगाने के दो मिनट में मौत हो गई।
परिजन बोले, अब तो गिरफ्तारी होनी ही चाहिए
लव सिंह ने कहा कि पुलिस अभी तक सबूतों के अभाव में विधायक व अन्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही थी। अब सारे सबूत पुलिस के हाथ में हैं। फुटेज में धमकी देने से लेकर आत्महत्या किए जाने तक के घटनाक्रम साफ दिख रहा है। उन्होंने पुलिस से कहा, विधायक और अन्य आरोपियों को अगर अब भी उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया तो बहुत बुरा होगा। परिजनों ने विधायक पर फैसले में कमीशन लेने का आरोप लगाया।
