मेरठ से सटे हस्तिनापुर में रविवार सुबह बिजनौर बैराज से छोड़े गए 4 लाख 25 हजार क्यूसेक पानी से खादर क्षेत्र के हालात लगातार नाजुक बनते जा रहे हैं। खादर क्षेत्र के फतेहपुर प्रेम गांव के आसपास तीन स्थानों पर गंगा का पानी कच्चे तटबंध को तहस-नहस कर बाहर निकल गया है। गंगा का जलस्तर लगातार जंगल और आबादी में फैल रहा है।
जानकारी के अनुसार खादर क्षेत्र के फतेहपुर प्रेम, हरिपुर, रठौरा कला, सिर्जोपुर, हसापुर, परसापुर, आदि गांव के चारों ओर पानी पहुंच चुका है। अब यह जल धीरे-धीरे गांव की ओर बढ़ रहा है। वहीं जंगल जलमग्न हैं, इन गांव के संपर्क मार्ग भी पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं और गांवों से संपर्क टूटने की संभावना जताई जा रही है। इसके चलते इन गांव के ग्रामीण पूरी तरह दहशत में हैं।
क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात नजर आ रहे हैं। शासन-प्रशासन की कोई व्यवस्था यहां नजर नहीं आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा, तो खादर क्षेत्र की बड़ी आबादी प्रभावित होगी ।
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आबादी की ओर बढ़ रहा जलस्तर
- फोटो : amar ujala
बाढ़ से निपटने के प्रशासन के दावे हवाई साबित हो रहे हैं। यहां कोई नाव अथवा अन्य सुविधा क्षेत्र के लोगों को निकालने के लिए दी गई है। हालांकि थाना पुलिस क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांव के लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की अपील कर रही है। लाउड स्पीकर पर लगातार अनाउंसमेंट किया जा रहा है। लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कहा जा रहा है।
एक तरफ गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, तो दूसरी तरफ तेज बारिश लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। खादर क्षेत्र में पिछले 24 घंटों से तेज बारिश का सिलसिला जारी है जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त है। शासन प्रशासन के अधिकारियों को बाढ़ जैसे हालात से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम करने होंगे अन्यथा हालात और भी नाजुक हो सकते हैं।
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गंगा खादरक्षेत्र का निरीक्षण करते अधिकारी
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शनिवार को हरिद्वार से पानी छोड़ जाने पर खादर क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिसको लेकर एडीओ पंचायत व थाना पुलिस ने खादर क्षेत्र का जाएजा लिया और बढ़ते पानी के स्तर को देखते हुए किसानों से गंगा पर न जाने की अपील की। बाढ़ से सैकड़ों बीघा फसल जल मग्न हो चुकी है। वहीं गंगा घाट पर प्रशासनिक अधिकारी पैनी नजर रखे हुए हैं।
रविवार सुबह बिजनौर बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद खादर क्षेत्र में स्थित गंगा का जल स्तर काफी बढ़ गया, जिससे किसानों की सैकड़ों बीघा फसल धान व ईख की फसल डूब गई है। बाढ़ से किसानों की फसल नष्ट होने से किसान परेशान हैं। खादर क्षेत्र में बाढ़ स्तर का जायजा लेने के लिए एडीओ पंचायत बाबूराम नागर व थाना प्रभारी आनंद प्रकाश मिश्र मौके पर पहुंचे और प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया।
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आबादी की ओर बढ़ रहा जलस्तर
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थाना प्रभारी ने गंगा के किनारें बसे गांवों के लोगों से गंगा में नहीं जाने व सावधनियां बरतने की अपील की है, क्योंकि गंगा में जल स्तर बढने की आंशका बनी हुई है, लेकिन किसान अपनी जान जोखिम में डालकर गंगा पार अपने खेतों पर जा रहे हैं। गंगा में जल स्तर बढने से किसानो की सांसे थमी हुई हैं। किसानों को अपनी फसल बबार्द होने की चिंता की लकीरें माथे पर हैं। तथा उनके सामने रोजी-रोटी का आर्थिक संकट भी पैदा हो गया है।
एडीओ पंचायत बाबू राम नागर ने बताया कि बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए ग्राम सिकंदरपुर में बाढ़ चौकी की साफ सफाई कराई गई है और लोगों को अलर्ट किया जा रहा है। गंगा पर न जाएं, गंगा में पानी का जल स्तर बढने की संभावना है।
यह गांव बाढ़ की चपेट में
ग्राम खरकाली, शिव नगर, काली नगर, झाब्बापुरी, मिर्र्र्जापुर, कुंडा आदि गांव गंगा किनारे बसे हुए है। अचानक गंगा का जल स्तर बढने से यह गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं।