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भावुक तस्वीरें: अपने लाल को देख बेसुध हुई मां, पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल, शहीद मेजर के सदमे में पूरा शहर और...

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Sun, 12 Sep 2021 09:46 PM IST
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Meerut News: Martyr Major Mayank Vishnoi is last rites performed at Surajkund and family members including mother and wife kept crying and see photos
शहीद मेजर के अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़। - फोटो : amar ujala

मेरठ में शहीद मेजर मयंक विश्नोई का अंतिम संस्कार भारत माता के जयकारों के बीच नम आंखों के साथ किया गया। पिता विरेंद्र सिंह विश्नोई ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार से पहले अपने लाल का चेहरा देख मां बेसुध हो गई। वहीं पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल था और पूरा शहर शहीद के सदमे में डूबा रहा। इस दौरान सैन्य अफसरों ने पत्नी स्वाति को राष्ट्रध्वज सौंपा। वहीं शिवलोकपुरी से लेकर सूरजकुंड तक पार्थिव शरीर पर पुष्पवर्षा होती रही।



कंकरखेड़ा शिवलोकपुरी में मकान नंबर 661 में शहीद मेजर मयंक विश्नोई रहते थे। रविवार को सूर्योदय के साथ ही कॉलोनी में भारत माता के जयकारे गूंजने लगे थे। कंकरखेड़ा का हर एक व्यक्ति जानता था कि भारत माता के एक और वीर सपूत ने वीर गति को प्राप्त कर लिया है। मेजर मयंक के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन को हर कोई आतुर था। हाथों में फूल और छतों पर राष्ट्रध्वज लहरा रहे थे। दोपहर होते-होते मंत्री, सांसद, प्रशासनिक अधिकारी, सैन्य अफसर, जन प्रतिनिधि हर कोई मयंक का इंतजार कर रहा था। दोपहर बाद हिंडन एयर बेस से एंबुलेंस में पार्थिव शरीर आंबेडकर रोड कंकरखेड़ा पहुंचा। राजपूताना राइफल के जवानों की अगुवाई में शहीद पार्थिव शरीर को लेकर उसके आवास की तरफ बढ़ चले। आधा किलोमीटर तक जवान कांधे पर पार्थिव शरीर लेकर शाम चार बजकर दस मिनट पर घर पहुंचे। शिवलोकपुरी में हर गली और घर से पुष्प वर्षा हो रही थी।

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शहीद मेजर की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब। - फोटो : amar ujala

भारत माता के जयकारों के बीच बेटे के शव को देख पिता वीरेंद्र विश्नोई, मां मधु, पत्नी स्वाति फफक पड़ीं। दोनों बहनों तनु और अनु ने भाई के अंतिम दर्शन किए। रिश्तेदार और अन्य महिलाएं स्वाति को संभालती रहीं। पूरे परिवार ने गर्व के साथ मयंक को अंतिम विदाई दी। शिवलोकपुरी से पुन: राजपूताना राइफल और जाट रेजीमेंट के जवान अन्य मार्गों से होकर पार्थिव शरीर को लेकर सरधना रोड पर पहुंचे। लोग भारत माता की जय और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाते रहे। दोपहिया और चार पहिया वाहनों पर बड़ी संख्या में लोग कंकरखेड़ा से सूरजकुंड पहुंचे। सूरजकुंड पर गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शाम करीब साढ़े छह बजे पिता विरेंद्र सिंह विश्नोई ने मुखाग्नि दी। पत्नी स्वाति को सैन्य अफसरों ने राष्ट्रध्वज सौंपा। 

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शहीद मेजर मयंक विश्नोई - फोटो : अमर उजाला

वहीं परिजनों के साथ अंतिम यात्रा में प्रदेश मंत्री कपिल देव अग्रवाल, सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल, विधायक दिनेश खटीक, पूर्व विधायक अमित अग्रवाल, संयुक्त व्यापार संघ उपाध्यक्ष नीरज मित्तल, सरबजीत कपूर, ठाकुर ओपी सिंह, गुल्लू ठाकुर, भगवान सिंह, विनय विरालिया, डॉ. हर्ष गोयल, सुनील शर्मा, योगेश फौजी, राहुल देव आदि मौजूद रहे।

Meerut News: Martyr Major Mayank Vishnoi is last rites performed at Surajkund and family members including mother and wife kept crying and see photos
शहीद मेजर मयंक विश्नोई की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब - फोटो : अमर उजाला

एक वर्ष में कंकरखेड़ा ने दी दूसरी शहादत
देश की रक्षा के लिए एक वर्ष में कंकरखेड़ा निवासी दूसरे मेजर ने शहादत दी। श्रद्धापुरी निवासी मेजर केतन शर्मा के बाद अब मेजर मयंक विश्नोई का शव भी तिरंगे में लिपटकर कंकरखेड़ा पहुंचा। 

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शहीद मेजर मयंक विश्नोई की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब - फोटो : अमर उजाला

मेजर मयंक के घर में सुबह से ही शिवलोकपुरी के युवा और वृद्ध व्यवस्था बनाने में लगे रहे। कोई पुष्प तो कोई मार्ग में राष्ट्र ध्वज लगा रहा था। हर कोई अपने मित्र और पड़ोसी की शहादत को सलाम कर रहा था। शहीद का पार्थिव शरीर आने की सूचना पर शिवलोकपुरी में लोगों ने पाइपों से सड़कों को धोया और झाड़ू लगाई। घरों के बाहर खड़े दोपहिया और चार पहिया वाहनों को हटा दिया गया। घर तक पहुंचने के लिए चूने से निशान लगाए गए। 

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