जम्मू कश्मीर के शोपियां में शहीद हुए मेरठ के मेजर मयंक विश्नोई का पार्थिव शरीर आज उनके पैतृक आवास पर पहुंचा, यहां से शहीद अंतिम यात्रा सूरजकुंड पहुंची। इसके बाद गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान वहां मौजूद सभी की आंखों में आंसू आ गए।
वहीं शहीद के स्वागत की तैयारी में कंकरखेड़ा के व्यापारी, समाजसेवी और राजनैतिक दल के लोग सुबह से ही जुट गए थे। पुष्प और राष्ट्रीय ध्वज बाजारों में लगाए गए हैं। हिंडन एयर बेस से सड़क मार्ग द्वारा दोपहर बाद शहीद मेजर मयंक का पार्थिव शरीर मेरठ पहुंचा। वहीं इससे पहले हिंडन एयर बेस पर केंद्रीय मंत्री व स्थानीय सांसद वी के सिंह ने शहीद को श्रद्धांजलि दी।
जैसे ही शहीद मेजर मयंक का पार्थिव शरीर कंकखेड़ा उनके आवास पर पहुंचा, परिवार में कोहराम मच गया। वहीं गली में लोगों की इस कदर भीड़ नजर आई कि पांव रखने की भी जगह नहीं बची। हर कोई शहीद के अंतिम दर्शन के लिए बेताब दिखा। यहां से शहीद की अंतिम यात्रा सूरजकुंड के लिए रवाना हुई। इस दौरान लोग हाथ फूल लेकर अपने घरों की छतों पर खड़े रहे। घरों के गेट पर खड़ी महिलाओं ने फूल बरसाकर शहीद को श्रद्धांजलि दी।
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शहीद मेजर मयंक विश्नोई की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
- फोटो : अमर उजाला
दरअसल शोपियां में 27 अगस्त को हुई एक आतंकी मुठभेड़ में मेजर मयंक विश्नोई के सिर में गोली लग गई थी। वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें तुरंत उधमपुर के सैनिक अस्पताल में भर्ती कराया गया।
परिजनों को जैसे ही उनके घायल होने की सूचना मिली तो वे उधमपुर पहुंच गए। जिसके बाद उनके माता पिता व बहनें वापस आ गईं थीं लेकिन पत्नी स्वाति उनके साथ ही रुक गईं थी। शनिवार को मेजर मयंक ने सैनिक अस्पताल में उपचार के दौरान अंतिम सांस ली।
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शहीद मेजर मयंक विश्नोई
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ के शहीद मेजर मयंक बिश्नोई को श्रद्धांजलि देते हुए परिवार को 50 लाख की मदद, एक सदस्य को सरकारी नौकरी व एक सड़क का नामकरण शहीद मयंक बिश्नोई के नाम पर करने की घोषणा की है।
प्रदेश प्रदेश सरकार के मंत्री कपिल देव अग्रवाल, मेरठ से भाजपा सांसद राजेंद्र अग्रवाल, भाजपा विधायक सत्य प्रकाश अग्रवाल, भाजपा विधायक दिनेश खटीक, पूर्व विधायक अमित अग्रवाल भी शहीद मेजर मयंक विश्नोई के घर पहुंचे।
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शहीद मेजर मयंक विश्नोई की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
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शामली निवासी विजय हिंदुस्तानी ने भी शहीद मेजर मयंक के आवास पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। विजय हिंदुस्तानी ने अपनी पीठ पर 183 शहीदों के नाम के टैटू बनवाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि मेजर मयंक की शहादत के बाद उनका नाम भी वह पीठ पर बनवाएंगे।
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शहीद मेजर मयंक विश्नोई
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पिता बोले, मेरा लाडला चला गया
शहीद मयंक विश्नोई के पिता वीरेंद्र व मां मधु शाम साढ़े सात बजे उधमपुर से घर पहुंचे। मां-बाप के आंसु थम नहीं रहे थे। उनके आते ही घर में पड़ोसियों की भीड़ लग गई। पिता का कहना था कि मेरा बेटा बहादुर था। अब वह चला गया, लौटकर नहीं आएगा। अब उसका हंसता चेहरा और उसके मुंह से निकलने वाला पापा शब्द मुझे कभी सुनाई नहीं देगा। उन्होंने बताया कि 24 अगस्त को मयंक से अंतिम बार बात हुई थी।